क्या दुनिया की मशहूर ब्रांड अमेजॉन अपने कर्मचारियों के टॉयलेट जाने पर भी नजर रखती है। यह बात सुनने में थोड़ी अजीब भले ही लगे। लेकिन लंदन में इस कंपनी की कोवेंट्री वेयरहाउस में काम कर रहे लोगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यूके में इस कंपनी से जुड़े लोग सैलरी और दूसरे मुद्दों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बहुत ही मुश्किल हालात में काम करना पड़ रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों का कहना है कि जब वो टॉयलेट के लिए जाते हैं तो टाइम लिखा जाता है कि फलां कर्मचारी कितने वक्त तक टॉयलेट में रहा।
कर्मचारियों ने किया खुलासा
कोवेंट्री वेयरहाउस में काम करने वाले डैरेन वेस्टवुड और गारफील्ड हिल्टन का कहना है कि बेहतर कामकाज के लिए अमेजॉन की तरफ से एक प्रयोग किया गया है। कंपनी के मैनेजर टॉयलेट जाने वालों से सवाल करते हैं। उनमें से एक ने कहा कि हम लोगों से बेहतर सलूक वेयरहाउस में काम करने वाले रोबोट से किया जाता है। हिल्टन ने कहा कि टॉयलेट जाने की वजह से जब काम रुकता है तो मैनेजर पूछते हैं कि ऐसा क्यों है। खुद को डॉयबिटीज मरीज बताते हुए हिल्टन का कहना है कि वेयरहाउस में टॉयलेट काफी दूरी पर हैं, टॉयलेट जाने आने और इस्तेमाल करने में कम से कम 15 मिनट का समय लग जाता है। जब थोड़ी और देरी होती है तो मैनेजर के गुस्से का सामना करना पड़ता है और मैनेजर पूछता है कि तुम क्या कर रहे थे।
'काम करने का माहौल दो'
कंपनी में कामकाज के बारे में वो बताते हैं कि जब कोई कर्मचारी लॉगइन करता है तो उसके परफॉर्मेंस का आकलन होता है, जब कोई कर्मचारी लॉग आउट करता है परफार्मेंस टूल अपने आप रुक जाता है। कंपनी की तरफ से परफार्मेंस को सुधारने के लिए कोचिंग की सुविधा मिलती है। बताया जा रहा है कि वेयरहाउस में काम करने वाले 1500 कर्मचारी अपमानजनक सैलरी के मुद्दे पर हड़ताल पर चले गए। वेस्टवुड का कहना है कि वो लोग जेफ बेजोस की नाव या रॉकेट पर सवार नहीं होना चाहते। लेकिन वो रहने योग्य चाहते हैं। कुछ लोगों को हफ्ते में 60 घंटे काम करने के लिए बाध्य किया जाता है।
