बिजनेस

सरकारी बैंकों ने किया कमाल! 3 साल में दोगुना हुआ मुनाफा

Public Sector Banks Profits: सरकारी बैंकों की मजबूत वित्तीय स्थिति को देखते हुए वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने भरोसा जताया है कि चालू वित्त वर्ष में इन बैंकों का संयुक्त मुनाफा 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन, बढ़ती लोन वृद्धि और सुधरी परिसंपत्ति गुणवत्ता के कारण पीएसबी लगातार मजबूत हो रहे हैं।

Image

मजबूत बैंक, मजबूत अर्थव्यवस्था: पीएसबी मुनाफे में ऐतिहासिक उछाल (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Public Sector Banks Profits: देश के सरकारी बैंक (पीएसबी) इस समय काफी मजबूत स्थिति में हैं। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने भरोसा जताया है कि चालू वित्त वर्ष में इन बैंकों का संयुक्त मुनाफा 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। उन्होंने कहा कि बैंकों की अच्छी वित्तीय सेहत देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाती है। पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में नागराजू ने बताया कि सरकारी बैंकों ने इस साल अच्छा प्रदर्शन किया है और आगे भी इनके नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है। तीन साल में दो गुना हो गया है।

लोन और जमा में अच्छी बढ़ोतरी

वित्तीय सेवा सचिव ने कहा कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की लोन वृद्धि करीब 12 प्रतिशत रही है, जबकि जमा में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए उत्साहजनक संकेत बताया। उनका कहना है कि जब बैंक ज्यादा कर्ज दे रहे हैं और लोगों का भरोसा बैंकों में बना हुआ है, तो यह साफ तौर पर अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का संकेत है।

बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और लचीला

एम नागराजू ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि देश का बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और लचीला है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तहत बैंकिंग सेक्टर में बहुत ही सतर्क और मजबूत प्रबंधन व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था की मजबूती का आईना होते हैं। हमारे बैंक मजबूत हैं और किसी भी बाहरी दबाव या वैश्विक अनिश्चितता से निपटने में सक्षम हैं। इसलिए हमें नकारात्मक बाहरी कारकों को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

पहली छमाही में ही करीब 1 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा

जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की लाभप्रदता को लेकर सवाल किया गया, तो नागराजू ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही बैंकों का संयुक्त मुनाफा करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि पहली छमाही में ही हम करीब 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा छू चुके हैं। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए मुझे पूरा भरोसा है कि साल के अंत तक यह मुनाफा 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।

तीन साल में दोगुना हुआ पीएसबी का मुनाफा

पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2022-23 में पीएसबी का कुल मुनाफा 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होकर करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा था। यह मुनाफा तीन साल के भीतर लगभग दोगुना हो गया है। इसके पीछे कई अहम कारण हैं, जैसे संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार, खराब कर्ज (एनपीए) में कमी, मजबूत पूंजी पर्याप्तता अनुपात और बैंकों की संपत्तियों पर बढ़ता रिटर्न।

एफडीआई सीमा बढ़ाने पर सरकार कर रही विचार

इस बीच, वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। फिलहाल पीएसबी में एफडीआई की सीमा 20 प्रतिशत है। इस बारे में नागराजू ने बताया कि सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए अंतर-मंत्रालयी परामर्श चल रहा है। अभी इस पर विचार किया जा रहा है।

बैंकिंग सेक्टर से अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकारी बैंक इसी तरह मजबूत बने रहते हैं, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी। बेहतर मुनाफा, मजबूत बैलेंस शीट और बढ़ता निवेश बैंकिंग सेक्टर को भविष्य में और सशक्त बना सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article