कुछ समय पहले तक घर खरीदने या प्रॉपर्टी में निवेश करने की बात आती थी, तो लोगों का पहला ध्यान दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों पर जाता था। यहां नौकरी के मौके, बेहतर सुविधाएं और तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से हर किसी को लगता था कि रियल एस्टेट में सबसे बढ़िया रिटर्न इन्हीं मेट्रो सिटीज़ से मिल सकता है। लेकिन अब भारत में रियल एस्टेट का एक नया ट्रेंड तेज़ी से उभर रहा है। शांति, आध्यात्मिक वातावरण और बेहतर जीवनशैली के कारण लोग धार्मिक शहरों में घर खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, वृंदावन और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों में प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं कई जगहों पर तो रेट 500% तक बढ़े हैं।
इन शहरों में रियल एस्टेट की मांग इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि दिल्ली-एनसीआर और बड़े शहरों में कंस्ट्रक्शन कर रहे बड़े-बड़े डेवलपर्स अब धार्मिक शहरों में बड़े प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स की वजह से यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से सुधर रहा है और शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि राम मंदिर का निर्माण, काशी कॉरिडोर, महाकुंभ जैसे कार्यक्रमों की तैयारियां और धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त बढ़ोतरी ने इन शहरों की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। पिछली कुछ सालों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ी है, जिससे प्रॉपर्टी की डिमांड में बड़ा उछाल आया है। खास बात यह है कि सेकेंड होम, रिटायरमेंट होम और सर्विस्ड अपार्टमेंट्स की मांग सबसे तेज़ बढ़ रही है।
राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट सेंटर में बदल चुका है। यहां जमीन की कीमतें पिछले कुछ समय में 50–100% तक बढ़ गई हैं। मंदिर के आसपास का इलाका इससे भी ज्यादा महंगा हो गया है। बड़े डेवलपर्स यहां थीम-बेस्ड टाउनशिप और आधुनिक आवासीय प्रोजेक्ट बनाने में जुट गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार सुधर रहा है, जिससे यहां रहने और निवेश दोनों की संभावनाएं बढ़ रही हैं। अयोध्या में कई बड़े प्रोजेक्ट्स जल्द लॉन्च होने वाले हैं।
वृंदावन में प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले कुछ सालों में अविश्वसनीय रूप से बढ़ी हैं। संत प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्धि, बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर और धार्मिक पर्यटन में अचानक वृद्धि की वजह से यह शहर अब रियल एस्टेट का चमकता सितारा बन गया है। यहां 4 साल पहले जहां जमीन 20,000 रुपये प्रति 100 गज थी, वहीं अब कई जगहों पर कीमत 1 करोड़ रुपये प्रति 100 गज तक पहुंच चुकी है। वृंदावन-छटीकरा रोड पर जमीन मिलना भी मुश्किल हो गया है। ओमैक्स, बसेरा और अमाइया जैसे रियल्टी ब्रांड यहां हाईराइज और लक्जरी प्रोजेक्ट तेजी से बना रहे हैं।
प्रयागराज का नैनी इलाका तेजी से विकसित हो रहा है। यह क्षेत्र अब औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय हब के रूप में उभर रहा है। यहां ओमैक्स संगम सिटी और ओमैक्स आनंदा जैसे बड़े प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं। पहले लोग यहां जमीन वाले घरों को तरजीह देते थे, लेकिन अब हाईराइज अपार्टमेंट की भी भारी मांग बन गई है।
देहरादून हमेशा से शांत और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह लक्जरी रियल एस्टेट का प्रमुख केंद्र बन रहा है। सहस्त्रधारा रोड और राजपुर रोड तेजी से विकसित होने वाले पॉश और धार्मिक महत्व के इलाके हैं। यहां टपकेश्वर महादेव और ड्रोन गुफा मंदिर के आसपास रहने की मांग बहुत बढ़ गई है। सिक्का किमाया ग्रीन्स जैसे प्रोजेक्ट 2, 3 और 4 BHK अपार्टमेंट्स और पेंटहाउस की आधुनिक सुविधाओं के साथ पेश कर रहे हैं। एक्सेंशिया तत्वा को देहरादून का पहला "Uber Luxury" प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
काशी कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। खरीदार यहां आवासीय घरों के साथ-साथ ज्यादा फुटफॉल वाले इलाकों में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट शहर में अपनी जगह बना रहे हैं, जिससे यहां के रेट लगातार ऊपर जा रहे हैं।