उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे और यादव परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का बुधवार तड़के निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, अपर्णा यादव (Aparana Yadav) प्रतीक यादव को सुबह करीब 5:45 बजे लखनऊ में निधन में हो गया. प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। उनके परिवार के लगभग सभी सदस्य राजनीति के शीर्ष पदों पर आसीन हैं, वहीं प्रतीक ने खुद को सत्ता के गलियारों से दूर रखा और सियासी परिवार के इकलौते बिजनेसमैन थे जिन्होंने अपने दम पर करोड़ों की नेटवर्थ बनाई। उन्हें लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी गाड़ियों का खूब शौक था, यही कारण है कि उनके पास एक से बढ़ एक शानदार गाड़ियों का कलेक्शन था. आइए आपको बताते हैं प्रतीक यादव के पास कितनी दौलत थी और वो क्या क्या बिजनेस करते थे।
फिटनेस और रियल एस्टेट में बनाया साम्राज्य
प्रतीक यादव को बचपन से ही फिटनेस का काफी शौक था, जिसे बाद में उन्होंने अपने प्रोफेशन में बदल लिया। साल 2015 में उन्होंने लखनऊ में 'Iron Core Fit' नाम से एक हाई-एंड जिम बिजनेस की शुरुआत की। यह जिम खासतौर पर प्रीमियम क्लाइंट्स के लिए बनाया गया था और अपनी आधुनिक मशीनों व वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के कारण बहुत जल्द लोकप्रिय हो गया। आज लखनऊ और आसपास के इलाकों में इसकी कई शाखाएं मौजूद हैं। फिटनेस के अलावा, प्रतीक रियल एस्टेट सेक्टर में भी काफी सक्रिय थे और उन्होंने इस क्षेत्र में भी कई सफल प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
पशु प्रेम और सामाजिक कार्य
बिजनेस की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच प्रतीक का एक मानवीय पहलू भी था। वे बेजुबान जानवरों के प्रति काफी संवेदनशील थे और 'जीव आश्रय' नाम की एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) चलाते थे। इस संस्था के माध्यम से वे स्ट्रीट डॉग्स और अन्य लावारिस जानवरों का इलाज, देखभाल, भोजन और रेस्क्यू सुनिश्चित करते थे। जानवरों के प्रति उनका यह लगाव अक्सर सोशल मीडिया पर भी नजर आता था, जहाँ वे लोगों को पशु सेवा के लिए प्रेरित करते थे।
लग्जरी लाइफस्टाइल और निजी जीवन
प्रतीक यादव अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और कारों के शानदार कलेक्शन के लिए भी चर्चा में रहते थे। उनके पास दुनिया की सबसे महंगी कारों में शुमार 'लेम्बोर्गिनी' जैसी गाड़ियां थीं। उनकी शादी भाजपा नेता अपर्णा यादव से हुई थी, जो खुद राजनीति में एक सक्रिय चेहरा हैं। प्रतीक ने हमेशा यह साबित किया कि बिना सक्रिय राजनीति में उतरे भी आप अपने परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं।
