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PPF या FD कहां मिलेगा ज्यादा फायदा, आपके लिए कौन-सा ऑप्शन है बेहतर

PPF vs FD: अगर आप सुरक्षित निवेश और लंबी अवधि में अच्छा फंड बनाने के लिए PPF और FD के बीच कन्फ्यूज हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आपके लिए कौन-सा ऑप्शन ज्यादा बेहतर होगा, यही बता रहे हैं।

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PPF vs FD कहां जमा करें पैसा (AI Generated Image)

PPF vs FD: आज के समय में निवेश के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन जब बात सुरक्षित निवेश की आती है तो PPF और Fixed Deposit (FD) जैसे विकल्पों पर लोगों का भरोसा ज्यादा रहता है। दोनों में आपका पैसा बाजार के उतार-चढ़ाव से सीधे प्रभावित नहीं होता। लेकिन PPF और FD एक जैसे नहीं हैं। दोनों की ब्याज दर, अवधि, टैक्स और पैसे निकालने के नियम अलग हैं। ऐसे में सवाल है कि PPF या FD में से आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है? इसका जवाब आपकी जरूरत और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है।

PPF पर मिल रहा है 7.1% ब्याज

Public Provident Fund सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है। फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसका ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। PPF की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी अवधि है। इसका मूल लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है। इसलिए यह उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है, जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। आप इसमें हर साल एक तय रकम जमा कर धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। PPF का इस्तेमाल रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या लंबे समय के किसी बड़े लक्ष्य के लिए किया जा सकता है।

FD में क्या फायदा है?

FD बैंक में पैसा एक तय अवधि के लिए जमा करने का विकल्प है। इसमें बैंक आपको पहले से तय ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न देता है। FD की अवधि आपकी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कुछ बैंक 5 साल की एफडी पर 7 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज ऑफर करते हैं।

FD उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें कुछ साल बाद अपने पैसे की जरूरत पड़ सकती है। उदाहरण के लिए अगर आपको 2, 3 या 5 साल बाद किसी बड़े खर्च के लिए पैसा चाहिए, तो उस अवधि के हिसाब से FD चुनी जा सकती है।

हालांकि, FD की ब्याज दर बैंक और अवधि के हिसाब से अलग होती है। इसलिए FD करवाने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर और समय से पहले पैसा निकालने के नियम जरूर देखें।

टैक्स के मामले में PPF आगे

PPF का एक बड़ा फायदा इसका टैक्स ट्रीटमेंट है। इसमें निवेश, ब्याज और नियमों के तहत मैच्योरिटी से मिलने वाली रकम पर टैक्स का फायदा मिलता है। इसलिए लंबी अवधि के टैक्स-फ्रेंडली निवेश के तौर पर PPF को काफी पसंद किया जाता है।

दूसरी तरफ FD का ब्याज आम तौर पर आपकी टैक्सेबल इनकम का हिस्सा होता है। आपकी कुल आय और लागू टैक्स नियमों के आधार पर FD के ब्याज पर टैक्स लग सकता है।

यानी अगर आपका फोकस सिर्फ ब्याज दर पर नहीं, बल्कि टैक्स के बाद मिलने वाले वास्तविक रिटर्न पर है, तो PPF को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

पैसे की जरूरत जल्दी पड़ सकती है तो FD बेहतर

PPF की लंबी अवधि इसकी खासियत भी है और सीमा भी है। अगर आपको लगता है कि आपको अगले कुछ सालों में पैसों की जरूरत पड़ सकती है तो पूरा पैसा PPF में लगाना सही नहीं होगा।

FD में भी समय से पहले पैसा निकालने पर बैंक के नियम लागू होते हैं और ब्याज में कमी या पेनल्टी हो सकती है। फिर भी FD की अवधि चुनने में आपको PPF की तुलना में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

इसलिए इमरजेंसी फंड या ऐसे लक्ष्य जिनकी तारीख पास है, उनके लिए FD को प्राथमिकता दी जा सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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