बहुत सारे निवेशक शेयर बाजार की टेंशन नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए वो गारंटीड रिटर्न वाले सरकारी निवेश माध्यम में निवेश करते हैं। अगर आप भी उनमें शामिल हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम एक बेस्ट विकल्प हो सकता है। मौजूदा समय में इस स्कीम पर 6.7% की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है, जिस पर तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग होती है। अब अगर आप पांच साल तक हर महीने 2,000 रुपये का निवेश करते हैं, मैच्योरिटी पर आपको 1,42,732 रुपये मिलेंगे। इसका मतलब है कि आप ब्याज के तौर पर लगभग ₹22,732 कमा सकते हैं। आइए पूरा कैलकुलेशन समझते हैं।
₹100 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश
अगर आप कम कमाते हैं तो आप 100 रुपये से मात्र पोस्ट ऑफिस RD में निवेश शुरू कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस अपने निवेशकों को यह सुविधा देता है। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। पांच साल की अवधि पूरी होने पर, आपकी मूल राशि और उस पर जमा हुआ ब्याज, दोनों एक साथ मिल जाते हैं। सरकार द्वारा समर्थित यह स्कीम नौकरीपेशा लोगों, रिटायर हो चुके लोगों और कम जोखिम वाली बचत की तलाश करने वाले परिवारों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है।
ब्याज के तौर पर 22,732 रुपये मिलेंगे
अगर आप पोस्ट ऑफिस RD में 5 साल तक 2000 रुपये निवेश करेंगे तो आप कुल 1.20 लाख रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको मौजूदा ब्याज के अनुसार 22,732 रुपये ब्याज मिलेंगे। ब्याज में बढ़ोतरी या कमी होने पर यह आंकड़ा बदल सकता है।
अकाउंट खोलने से लेकर बंद करने के नियम
पोस्ट ऑफिस RD खोलने के लिए भारत का निवासी नागरिक होना अनिवार्य है। खाता एक वयस्क व्यक्ति द्वारा अकेले (सिंगल अकाउंट) या तीन वयस्कों तक का संयुक्त खाता (Joint A या Joint B) खोला जा सकता है। इसके अलावा, नाबालिग की ओर से अभिभावक द्वारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति (जिसे अब अधिकृत खाता कहा जाता है) की ओर से अभिभावक द्वारा, या 10 वर्ष से अधिक उम्र का नाबालिग स्वयं भी अपने नाम से खाता खोल सकता है। कोई भी व्यक्ति अपने नाम से या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर जितने चाहे उतने खाते खोल सकता है।
स्कीम की शर्तों के अनुसार, तीन साल बाद खाता को समय से पहले बंद किया जा सकता है। हालांकि, अकाउंट को जल्दी बंद करने से आपको मिलने वाला कुल रिटर्न कम हो सकता है। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि लागू टैक्स नियमों के तहत ब्याज पर TDS लग सकता है, और पोस्ट ऑफिस RD में किए गए निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स में छूट नहीं मिलती है।
किस्त डिफॉल्ट होने पर क्या होगा?
अगर मासिक किस्तों में चार से अधिक डिफॉल्ट (चूक) नहीं हुए हैं, तो खाताधारक के पास यह विकल्प होता है कि वह खाते की परिपक्वता (Maturity) अवधि को डिफॉल्ट हुए महीनों की संख्या के बराबर बढ़ा सकता है और बढ़ाई गई अवधि के दौरान डिफॉल्ट की गई किस्तें जमा कर सकता है। अगर चार से अधिक डिफॉल्ट होते हैं, तो खाते को बंद (Discontinued) मान लिया जाएगा और चौथे डिफॉल्ट वाले महीने से केवल दो महीने के भीतर ही खाते को फिर से शुरू (Revive) करने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे जमा के साथ प्रत्येक डिफॉल्ट किए गए महीने के लिए प्रति सौ रुपये की डिफॉल्ट किस्त पर एक रुपये की दर से (अन्य राशियों के लिए आनुपातिक राशि) रिवाइवल फीस का भुगतान भी एकमुश्त करना होगा।
