PMI Service Sector Index: भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अगस्त में नरमी आई है। हालांकि अच्छी बात यह है कि नरमी के बावजूद PMI सर्विस इंडेक्स 60 के स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा नए आर्डर मिलने से वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। और सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने नए निर्यात कारोबार में सबसे अधिक तेजी का संकेत भी दिया है, इस कारण कंपनियों ने अपने नई भर्तियां और उत्पादन विस्तार पर भी फोकस किया है। सर्विस सेक्टर में तेजी बने रहने की प्रमुख वजह एशिया प्रशांत, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पश्चिम एशिया सहित कई क्षेत्रों से तेजी से मांग बढ़ना है।
जुलाई के मुकाबले कमी
S&P ग्लोबल भारत द्वारा जारी पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक जुलाई के 62.3 से गिरकर अगस्त में 60.1 पर पहुंच गया। पीएमआई सूचकांक लगातार 25वें महीने 50 से ऊपर बना हुआ है। 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से होता है और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है। ऐसे में 60 का स्तर किसी इकोनॉमी की अच्छी सेहत का संकेत है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि भारतीय सेवा कंपनियों ने अगस्त में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, क्योंकि उन्होंने नए निर्यात कारोबार में श्रृंखलाबद्ध रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। एशिया प्रशांत, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पश्चिम एशिया सहित कई क्षेत्रों ने तेजी में योगदान दिया।लीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मांग में इस बढ़ोतरी ने पिछले 13 वर्षों में दर्ज किए गए सबसे अच्छे बिक्री प्रदर्शनों में से एक का समर्थन किया और कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन विस्तार करने के लिए प्रेरित किया है।
GDP ग्रोथ में सर्विस सेक्टर का अहम शेयर
इसके पहले अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़ों ने भी इकोनॉमी में तेजी के संकेत दिए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी पर पहुंच गई है। जो कि पिछले 4 तिमाही में यानी 1 साल में सबसे तेज रही है। जीडीपी की तेजी में सर्विस सेक्टर का अहम रोल रहा है। और अब अगस्त के आंकड़ों सर्विस सेक्टर की तेजी से साफ है, जीडीपी के नए आंकड़ों में सर्विस सेक्टर में तेजी का असर दिखेगा।
