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भारत में पहला सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार, 28 फरवरी 2026 को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

Semiconductor Plant News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 फरवरी को अहमदाबाद के पास साणंद में अमेरिकी चिप निर्माता Micron Technology के सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अत्याधुनिक परियोजना में 22,516 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे क्षेत्र में तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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गुजरात के साणंद में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट (प्रतीकात्मक तस्वीर-istock)

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Semiconductor Plant News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 फरवरी 2026 को गुजरात के अहमदाबाद के पास स्थित साणंद में एक बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करेंगे। यह प्लांट अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी Micron Technology द्वारा स्थापित किया गया है। इस परियोजना में कुल 22,516 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। गुजरात सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।

क्या है एटीएमपी प्लांट?

यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) तकनीक पर आधारित है। इसका मतलब है कि यहां सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग की जाएगी और फिर पैकेजिंग कर बाजार के लिए तैयार किया जाएगा। यह एक अत्याधुनिक सुविधा होगी, जहां आधुनिक मशीनों और तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

2023 में हुआ था समझौता

जून 2023 में गुजरात सरकार और माइक्रॉन टेक्नोलॉजी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर 2.75 अरब डॉलर के निवेश का समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया था। इस समझौते के तहत कंपनी ने साणंद में अपना प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया। यह निवेश भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अब तक के बड़े विदेशी निवेशों में से एक माना जा रहा है।

एआई और मेमोरी की बढ़ती जरुरत

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक माइक्रॉन के चेयरमैन, अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय मेहरोत्रा ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम मजबूत मेमोरी और स्टोरेज पर निर्भर हैं। तेजी से काम करने वाली और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली तकनीकों के लिए उन्नत मेमोरी समाधान की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यह नया प्लांट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इससे वैश्विक बाजार में भी आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।

रोजगार के बड़े अवसर

राज्य सरकार के अनुसार, फिलहाल इस प्लांट में करीब 2,000 लोग काम कर रहे हैं। आने वाले समय में यहां करीब 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, इस परियोजना से करीब 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलने की संभावना है। यानी स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायों, सप्लाई चेन, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी इसका फायदा होगा।

भारत के लिए क्यों है अहम?

यह प्रोजेक्ट भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के वैश्विक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगी। अब तक भारत चिप निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लाटं देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, यह ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल भारत जैसे अभियानों को भी गति देगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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