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PM JANMAN: क्या है PM-JANMAN योजना? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PMAY - G के 1 लाख लाभार्थियों को दी बड़ी सौगात

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jan 15, 2024, 12:58 PM IST

PM-JANMAN Scheme: भारत में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की आबादी 10.45 करोड़ है, जिसमें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 75 समुदायों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के रूप में पहचाना गया है।

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प्रधानमंत्री ने PM-JANMAN के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY - G) के 1 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी कर दी है।

Photo : ANI

PM-JANMAN Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधान मंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY - G) के 1 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी कर दी है। अवास की पहली किश्त के लिए पीएम मोदी ने 540 करोड़ रुपये की राशि डिजिटल रूप में ट्रांसफर की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के जसपुर में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की लाभार्थी मनकुमारी के साथ बातचीत की। बता दें कि अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने के अंत्योदय के दृष्टिकोण की दिशा में प्रधानमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए पीएम-जनमन की शुरुआत की थी।

क्या है PVTGs?

2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की आबादी 10.45 करोड़ है, जिसमें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 75 समुदायों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के रूप में पहचाना गया है। ये पीवीटीजी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में कमजोरियों का सामना कर रहे हैं।

2023-24 बजट में हुआ था एलान

2023-24 के बजट में कहा गया था कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को बढ़ाने के लिए एक प्रधान मंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण तक बेहतर पहुंच, साथ ही बढ़ी हुई सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी और पीवीटीजी के घरों और आवासों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर जैसी जरूरी सुविधाएं प्रदान करना है। इस मिशन को लागू करने के लिए अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (DAPST) के तहत अगले तीन वर्षों के लिए 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। व्यापक आईईसी अभियान शुरू में 100 जिलों में शुरू हुआ है, जिसमें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लगभग 500 ब्लॉक और 15,000 पीवीटीजी बस्तियों को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में, यह शेष जिलों को कवर करेगा।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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