महंगाई जैसी आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, भारत में त्योहारी सीजन में कार और अन्य वाहनों की बिक्री बढ़ गई है। दिवाली से पहले सितंबर में देशभर में पैसेंजर वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड तोड़ते हुए साढ़े 3 लाख यूनिट तक पहुंच गई। लोगों ने भारी छूट और आकर्षक ऑफ़र्स के चलते कार और अन्य वाहन खरीदे।
लेकिन कार खरीदने के बाद इंश्योरेंस और मेंटेनेंस जैसे खर्च भी ध्यान में रखना पड़ता है। अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान तरीकों से आप इंश्योरेंस के खर्च में बचत कर सकते हैं। देश में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपने वाहन का इंश्योरेंस करवाना कानूनी रूप से अनिवार्य है। अगर आपने इस त्योहारी सीजन में नई कार खरीदी है या खरीदने का सोच रहे हैं, तो कुछ स्मार्ट तरीकों से इंश्योरेंस प्रीमियम पर अच्छी खासी बचत की जा सकती है।
सही पॉलिसी का चयन करें
कंप्रीहेंसिव इंश्योरेंस: यह पॉलिसी तीसरे पक्ष की जिम्मेदारी के साथ-साथ अपनी कार की क्षति, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं, आग, या दंगों से होने वाली हानि को भी कवर करती है।
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस: यह पॉलिसी केवल तीसरे पक्ष की जिम्मेदारी को कवर करती है और अपनी कार की हानि को नहीं। यह न्यूनतम कानूनी आवश्यकता है, लेकिन सीमित सुरक्षा प्रदान करती है।
नो क्लेम बोनस (NCB) का लाभ उठाएं
अगर आपने पिछले वर्षों में कोई दावा नहीं किया है, तो आपको नो क्लेम बोनस मिलता है, जो आपके प्रीमियम में छूट के रूप में होता है। यह छूट आमतौर पर 20% से 50% तक हो सकती है। नई कार खरीदते समय, अपने पुराने वाहन का NCB ट्रांसफर करना न भूलें। इसके लिए आपको एक NCB ट्रांसफर लेटर की आवश्यकता होगी, जो आपके पुराने इंश्योरेंस प्रदाता से प्राप्त किया जा सकता है।
ऑनलाइन तुलना करें
डीलर द्वारा प्रदान की गई इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बजाय, विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसियों की ऑनलाइन तुलना करें। इससे आप प्रीमियम, कवर, और अतिरिक्त लाभों के बारे में बेहतर समझ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन खरीदारी से आपको विशेष छूट और ऑफ़र भी मिल सकते हैं। ([Acko][3])
आवश्यक ऐड-ऑन कवर चुनें
कुछ ऐड-ऑन कवर आपकी पॉलिसी को और भी मजबूत बना सकते हैं। जीरो डिप्रिसिएशन कवर: इससे आपकी कार के पुर्जों की डिप्रिसिएशन को नजरअंदाज किया जाता है, जिससे क्लेम राशि अधिक मिलती है। इंजन प्रोटेक्शन कवर यह इंजन से संबंधित नुकसान को कवर करता है, जो सामान्य पॉलिसी में शामिल नहीं होता। रोडसाइड असिस्टेंस कवर यह सड़क पर किसी आपातकालीन स्थिति में सहायता प्रदान करता है, जैसे टायर पंचर, बैटरी खत्म होना ।
प्रीमियम की सही गणना करें
प्रीमियम की गणना करते समय, अपनी कार के इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) को सही से निर्धारित करें। IDV वह अधिकतम राशि है, जो क्लेम के समय आपको मिल सकती है। यदि IDV बहुत कम रखा जाता है, तो क्लेम राशि कम मिलेगी, और यदि बहुत अधिक रखा जाता है, तो प्रीमियम अधिक होगा।
कैशलेस क्लेम सुविधा
ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी चुनें, जो कैशलेस क्लेम सुविधा प्रदान करती हो। इससे आपको क्लेम के समय अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता और प्रक्रिया सरल होती है।
ड्राइविंग आदतों का ध्यान रखें
यदि आप कम ड्राइव करते हैं, तो "पे-एज़-यू-ड्राइव" (Pay-As-You-Drive) पॉलिसी पर विचार करें। इसमें प्रीमियम आपकी वार्षिक किलोमीटर के आधार पर निर्धारित होता है, जिससे आप कम चलने पर कम प्रीमियम का भुगतान करते हैं।
