बिजनेस

भारत में पेट्रोल-डीजल की खपत ने तोड़ा 24 साल का रिकॉर्ड,क्या मोदी सस्ते क्रूड प्राइस का देंगे ईनाम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 10, 2023, 12:24 PM IST

Petrol-Diesel Price and Fuel Consumption in India: एक तरफ जहां भारत में ईंधन की खपत रिकॉर्ड स्तर पर है। वहीं दूसरी तरह कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार गिर रही हैं।

Image

पेट्रोल-डीजल की खपत में रिकॉर्ड बढ़त

Photo : BCCL

Petrol-Diesel Price and Fuel Consumption in India:आर्थिक गतिविधियों में सुधार का असर पेट्रोल-डीजल सहित दूसरे ईंधन की खपत पर दिखा है। फरवरी में पिछले 24 साल की सबसे ज्यादा ईंधन खपत हुई है। इस दौरान ईंधन की खपत 5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर प्रति दिन 4.82 मिलियन बैरल पहुंच गई है। इस दौरान पेट्रोल की खपत में 8.9 फीसदी और डीजल की खपत में 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

अहम बात यह है कि एक तरफ जहां भारत में ईंधन की खपत रिकॉर्ड स्तर पर है। दूसरी तरह कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार गिर रही है। वहीं भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर और बचत कर रहा है। ऐसे में देखना यह है कि क्या मोदी सरकार लोगों को कीमतों पर राहत देगी। पिछले एक साल में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 81.12 डॉलर (ब्रेंट क्रूड) पर आ गई हैं। अंतिम बार मई 2022 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की गई थी।

कितनी बढ़ी खपत

पेट्रोलियम मंत्रालाय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के रिकॉर्ड के अनुसार भारत में 1998 से पेट्रोल-डीजल की खपत के रिकॉर्ड यह सेल देख रहा है। और पिछले 24 साल में सबसे अधिक ईंधन की खपत का रिकॉर्ड बना है। फरवरी में पेट्रोल की खपत 8.9 फीसदी बढ़कर 2.8 मिलियन टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 7.5 फीसदी बढ़कर 6.98 मिलियन टन हो गई। वहीं जेट ईंधन की बिक्री 43 फीसदी बढ़कर 0.62 मिलियन टन हो गई। हालांकि इस दौरान LPG की बिक्री घटी है। फरवरी में एलपीजी की बिक्री 0.1 फीसदी घटकर 23.9 लाख टन रह गई है।

40 फीसदी सस्ता हुआ कच्चा तेल

कच्चे तेल की कीमतों को देखा जाय तो उसमें गिरावट का दौर जारी है। मई 2022 में ब्रेंट क्रूड जहां 140 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। वह गिरकर मार्च में 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें मई 2022 के बाद से नहीं घटी है। उस समय केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। ऐसे में जब कच्चे तेल की कीमतें पिछले 10 महीने में 40 फीसदी गिर गई हैं। इसे देखते हुए आम लोगों की सरकार पर नजर है कि वह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर महंगाई से राहत दें।

(इनपुट रॉयटर्स के साथ)

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article