हर किसी की जिंदगी में अचानक ऐसे मौके आ जाते हैं जब पैसों की सख्त जरूरत पड़ जाती है। ऐसे समय में हमारा पूरा बजट बिगड़ जाता है और मजबूरी में कर्ज या लोन का सहारा लेना पड़ता है। आज के समय में बैंकों के पास मदद के लिए कई तरह के लोन मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से चुन सकते हैं। जब तुरंत पैसों का इंतजाम करना हो, तो इस मामले में 'पर्सनल लोन' (Personal Loan) और 'ओवरड्राफ्ट' (Overdraft) के विकल्प लोगों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन लिया, तो अगले ही दिन से आपको उस पूरे ₹5 लाख पर तय ब्याज देना होगा, भले ही आपने उसमें से ₹1 भी खर्च न किया हो।
इसके उलट, ओवरड्राफ्ट (OD) एक क्रेडिट लिमिट की तरह काम करता है, जो आपके मौजूदा बैंक खाते (Current या Savings Account) पर मिलती है। मान लीजिए बैंक ने आपको ₹5 लाख की ओवरड्राफ्ट लिमिट दी है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपके सिर पर कर्ज चढ़ गया। आप जब और जितनी रकम इस लिमिट से बाहर निकालेंगे, ब्याज सिर्फ उतने ही पैसों पर और केवल उतने ही दिनों के लिए लगेगा जितने दिन वह पैसा खाते से बाहर रहेगा। अगर आपने ₹5 लाख की लिमिट में से सिर्फ ₹50,000 निकाले हैं, तो ब्याज बाकी के ₹4.5 लाख पर नहीं, बल्कि सिर्फ उसी ₹50,000 पर लगेगा।
ब्याज दर और चुकाने का तरीका
- पर्सनल लोन में: ब्याज की दर आमतौर पर फिक्स्ड या फ्लोटिंग होती है, जो 10% से लेकर 24% सालाना तक जा सकती है। इसे चुकाने के लिए हर महीने एक निश्चित ईएमआई (
EMI ) तय कर दी जाती है, जिसे आपको 1 से 5 साल की तय अवधि में चुकाना होता है। - ओवरड्राफ्ट में: इसकी ब्याज दरें आम तौर पर पर्सनल लोन के मुकाबले थोड़ी कम होती हैं, खासकर तब जब आप इसे अपनी एफडी (Fixed Deposit), शेयर्स या प्रॉपर्टी के एवज में (Secured OD) लेते हैं। इसमें ईएमआई का कोई झंझट नहीं होता। आप अपनी सुविधा के अनुसार जब चाहें खाते में पैसा वापस डाल सकते हैं। जैसे ही आप पैसा वापस डालेंगे, आपका ब्याज लगना बंद हो जाएगा।
कौन सा विकल्प आपके लिए रहेगा सबसे बेस्ट?
ओवरड्राफ्ट तब चुनें जब: आपको बहुत ही कम समय (जैसे कुछ दिनों या हफ्तों) के लिए पैसों की जरूरत हो या फिर आपको यह पक्का न हो कि आपको कुल कितने पैसों की आवश्यकता पड़ने वाली है। बिजनेस चलाने वालों के लिए यह बेस्ट है क्योंकि उन्हें वर्किंग कैपिटल और रोजमर्रा के लेन-देन के लिए बार-बार फंड की जरूरत होती है। यदि आपके पास बैंक में कोई एफडी (FD) जमा है, तो आप उस पर आसानी से ओवरड्राफ्ट लिमिट ले सकते हैं, जिससे आपकी एफडी भी नहीं टूटती और आपका काम भी चल जाता है।
पर्सनल लोन तब चुनें जब: आपको किसी बड़े काम (जैसे शादी, घर का रिनोवेशन या विदेश यात्रा) के लिए एक साथ बहुत सारे पैसों की जरूरत हो और आप उसे तुरंत चुकाने की स्थिति में न हों। यदि आप चाहते हैं कि हर महीने एक निश्चित किस्त कटती रहे और 3 या 5 साल में आपका लोन खुद-ब-खुद धीरे-धीरे खत्म हो जाए, तो पर्सनल लोन एक अनुशासित और बेहतर माध्यम है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
