Personal Loan Vs Gold Loan vs Credit Card Loan:आज के दौर में इमरजेंसी में अगर पैसे की जरूरत होती है तो आम तौर पर लोग पर्सनल लोन, गोल्ड लोन और क्रेडिट लोन का विकल्प चुनते हैं। तीनों तरह के लोन बेहद कम समय में उपलब्ध हो जाते हैं। इसलिए इनकी डिमांड भी बढ़ रही है। लेकिन तीनों विकल्प की अलग-अलग खासियत हैं। उनकी ब्याज दरों से लेकर रीपेमेंट करने के तरीके और अधिकतम लोन राशि में कई तरह के अंतर होते हैं। ऐसे में लोन लेते समय सभी विकल्पों के बारे में जानना बेहद अहम है। जिससे कि जरूरत के समय सभी विकल्प का चयन किया जा सकेगा।
पर्सनल लोन
सबसे पहले बात पर्सनल लोन की करते हैं। यह लोन वेतन भोगी को आसानी से मिल जाता है। इसके तहत लोन लेने से डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया को पूरा करना बेहद अहम होता है। आम तौर पर जिस बैंक में वेतन भोगी का खाता है, उसे आसानी से पर्सनल लोन मिल जाता है। पर्सनल लोन पर इस समय औसतन 11 से 21 फीसदी तक अवधि के आधार पर ब्याज लिया जाता है। बैंक लोन राशि के अलावा प्रोसेसिंग फीस भी लेते हैं। जो 2.5-4 फीसदी के करीब होती है।
पर्सनल लोन प्रोसेस होने में 3-4 दिन का समय लगता है। पर्सनल लोन ऐसे व्यक्ति के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है, जिसे 3 से 5 साल के लिए लोन लेना है। पर्सनल लोन में अच्छी बात यह है कि कर्ज लेने वाले को किसी तरह का कोलैट्रल (गारंटी) नहीं देना पड़ता है।
गोल्ड लोन
जल्द और कम अवधि के लिए गोल्ड लोन एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। गोल्ड लोन आम तौर पर एक साल की अवधि के लिए लेना फायदेमंद सौदा हो सकता है। इसके तहत गोल्ड लोने देने वाले बैंक और फाइनेंस कंपनियों, कस्टमर से ज्वैलरी को कोलैट्रल के रूप में लेते हैं। और वह ज्वैलरी की कुल कीमत का 80 फीसदी तक ही कर्ज देते हैं। यानी अगर ज्वैलरी की कीमत 2 लाख रुपये हैं, तो उस पर 1.60 लाख रुपये का कर्ज मिलेगा।
गोल्ड लोन पर ब्याज पर्सनल लोन की तुलना में कम होता है। और सबसे अहम बात यह है कि गोल्ड लोन देते समय कस्टमर की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं देखी जाती है। इस समय औसतन 10-17 फीसदी की ब्याज दर पर गोल्ड लोन मिल रहा है। इसके अलावा इसमें ब्याज दरों का कैलकुलेशन दिन के आधार पर होता है। यानी जितने दिन तक ज्वैलरी गिरवी रखी है, उतने दिन तक का ही ब्याज चुकाना होगा। इसके अलावा इसे एक घंटे के अंदर हासिल किया जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड लोन
फटाफट लोन लेने का क्रेडिट कार्ड भी एक विकल्प बन गया है। इसमें बैंक उन कस्टमर को तरजीह देते हैं। जिनका क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने में रिकॉर्ड अच्छा है। उनकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है। इसके तहत क्रेडिट कार्ड धारकों को प्री-अप्रूव्ड लोन की सुविधा मिलती है। यानी उन्हें किसी तरह के डॉक्यूमेंटेंशन की जरूरत नहीं है। क्रेडिट धारक ऑनलाइन लोन अमाउंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की खरीद को लोन में कन्वर्ट कर सकते हैं। इसमें कोई कोलैट्रल नहीं देना होता है। लेकिन क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम हो जाती है। इसके अलावा बैंक को प्रोसेसिंग फीस भी देनी पड़ती है। इस समय 12-24 फीसदी तक ब्याज बैंक ले रहे हैं।
