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Health Insurance ले रखे हैं? इन 5 Riders के बारे में जरूर जानें, रहेंगे ज्यादा सुरक्षित

राइडर्स आपकी हेल्थ पॉलिसी को थोड़ा महंगा तो बनाते हैं, लेकिन साथ ही वे आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को कहीं व्यापक भी बनाते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस के साथ राइडर्स लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

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हेल्थ इंश्योरेंस

तेजी से बढ़ते इलाज खर्च के इस दौर में हेल्थ इंश्योरेंस बहुत जरूरी हो गया है। कोरोना महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालांकि, आज भी बहुत सारे लोग अपनी जरूरत के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते जब जरूरत पड़ती है तो वित्तीय दबाब का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको 5 राइडर के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप अपनी जरूरत के अनुसार लेकर पॉलिसी को कस्टमाइज कर सकते हैं। ये राइडर न सिर्फ आपकी कवरेज को बढ़ाएंगे बल्कि आपको ज्यादा सुरक्षित भी करेंगे।

राइडर क्या है?

राइडर अतिरिक्त सुविधाएं हैं जो इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ आती हैं। अपने इंश्योरेंस में राइडर जोड़कर आप बहुत कम कीमत पर अतिरिक्त फायदे पा सकते हैं। ये आपकी बेसिक इंश्योरेंस पॉलिसी को और ज्यादा व्यापक बनाते हैं। उदाहरण के लिए, आप अपने हेल्थ इंश्योरेंस में मैटरनिटी कवरेज और अपने लाइफ इंश्योरेंस में एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट जोड़ सकते हैं। राइडर के लिए प्रीमियम की रकम पॉलिसीहोल्डर की उम्र, कवरेज की रकम, इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रकार, पॉलिसी की शर्तों आदि पर निर्भर करती है।

ये हैं हेल्थ इंश्योरेंस के 5 प्रमुख राइडर

1. मैटरनिटी कवर राइडर

बहुत सारे हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में मैटनिटी कवर नहीं होता है। इसके नहीं होने से मैटनिटी के समय काफी खर्च का बोझ उठाना पड़ता है। ऐसे में आप अपनी पॉलिसी के साथ मैटरनिटी कवर राइडर जोड़कर, बच्चे के जन्म के दौरान होने वाले कुछ खर्चों को कवर कर सकते हैं। हालांकि, इस राइडर का फायदा वेटिंग पीरियड के बाद ही उठाया जा सकता है, जो आमतौर पर 24 महीने का होता है, लेकिन कुछ प्लान में यह 72 महीने तक भी हो सकता है।

2. क्रिटिकल इलनेस राइडर

बहुत सारे हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ क्रिटिकल बीमारी का कवर नहीं होता है। पॉलिसीहोल्डर अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ क्रिटिकल इलनेस राइडर खरीद कर गंभीर बीमारी का कवर प्राप्त कर सकते हैं। राइडर लेने पर गंभीर बीमारियों का पता चलने पर, इंश्योरेंस कंपनी उसे राइडर के लिए तय रकम (सम एश्योर्ड) का भुगतान करती है। मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है और उसके साथ ₹5 लाख का क्रिटिकल इलनेस राइडर भी है। अब, अगर पॉलिसी में बताई गई किसी गंभीर बीमारी (क्रिटिकल इलनेस) का पता चलता है, तो आपको एकमुश्त ₹5 लाख मिलेंगे।

3. एक्सीडेंटल डिसेबिलिटी राइडर

इस राइडर के तहत, अगर पॉलिसीहोल्डर किसी दुर्घटना की वजह से विकलांग हो जाता है, तो इंश्योरेंस कंपनी उसे राइडर के लिए तय रकम (पूरी या कुछ हिस्सा) देगी। हालांकि, मिलने वाली रकम चोट की गंभीरता पर निर्भर करेगी। अगर पॉलिसीहोल्डर पूरी तरह से विकलांग हो जाता है, यानी दोनों आंखों की रोशनी चली जाती है, दो अंग (हाथ-पैर) खो देता है, या एक अंग और एक आंख खो देता है और काम करने में असमर्थ हो जाता है, तो इंश्योरेंस कंपनी उसे पूरी तय रकम देगी। लेकिन, अगर वह आंशिक रूप से विकलांग है और अपना काम खुद कर सकता है।

4. रूम रेंट वेवर राइडर

कई इंश्योरेंस पॉलिसी में रूम रेंट की एक लिमिट (कैप) होती है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपके पास ₹5,000 प्रति दिन की रूम रेंट लिमिट वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है। अब, अगर आप अस्पताल में भर्ती होते हैं और वहां का रूम रेंट ₹8,000 प्रति दिन है, तो आपको अतिरिक्त रकम अपनी जेब से देनी होगी। अब अगर आप अपनी पॉलिसी के साथ रूम रेंट वेवर राइडर जोड़ते हैं, तो आप बिना अतिरिक्त पैसे दिए अपनी पसंद का कमरा ले सकते हैं।

5. हॉस्पिटल कैश राइडर

इस राइडर के तहत, हॉस्पिटल में भर्ती होने पर, पॉलिसी होल्डर को उन सभी दिनों के लिए कैश रकम मिलती है जितने दिन वे हॉस्पिटल में रहे। यह रकम अलग-अलग पॉलिसी में अलग-अलग हो सकती है। यह हॉस्पिटल में रहने के दौरान सैलरी के नुकसान की भरपाई के लिए एक तरह के अलाउंस (भत्ते) का काम करता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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