बिजनेस

Plastic Pollution: प्लास्टिक कचरा फैलाने में पेप्सी-कोक सबसे आगे, लिस्ट में एक भी भारतीय कंपनी नहीं

What Is Plastic Pollution: प्लास्टिक पॉल्यूशन या प्लास्टिक कचरा फैलाने में दूसरे नंबर पर है PepsiCo। प्लास्टिक पॉल्यूशन में इसका कचरा 5 फीसदी पाया गया है। प्रमुख एफएमसीजी कंपनी नेस्ले और फ्रांस की फूड कंपनी Danone 3-3 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाती हैं।

Image

प्लास्टिक प्रदूषण क्या है

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • पेप्सी-कोक फैलाती हैं सर्वाधिक प्लास्टिक पॉल्यूशन
  • नेस्ले भी लिस्ट में शामिल
  • कंपनियां सालाना 400 मिलियन मीट्रिक टन प्लास्टिक बनाती हैं

What Is Plastic Pollution: हर साल दुनिया भर की कंपनियां 400 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक बनाती हैं, जिसमें बड़ा हिस्सा पॉल्यूशन की वजह बनता है। इस प्लास्टिक में से कुछ वॉटरवेज या समुद्रों की किनारों पर फैल जाता है। कुछ छोटे माइक्रोप्लास्टिक या नैनोप्लास्टिक के टुकड़े हवा में तैरते है और इंसानों के फेफड़ों, खून और अंगों में प्रवेश करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इस प्लास्टिक पॉल्यूशन का सबसे ज्यादा जिम्मेदार कौन है? वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 56 कंपनियां आधे से अधिक प्लास्टिक पॉल्यूशन के लिए जिम्मेदार हैं। आगे जानिए इन कंपनियों के नाम।

ये भी पढ़ें -

कोका-कोला का है सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा

दुनिया में 50 प्रतिशत से अधिक ब्रांडेड प्लास्टिक कचरे के लिए दुनिया की 56 कंपनियां जिम्मेदार हैं। इनमें पहले नंबर पर कोका-कोला है। कोका-कोला की दुनिया भर के ब्रांडेड प्लास्टिक पॉल्यूशन में 11% हिस्सेदारी है।

दूसरे नंबर पर है PepsiCo

प्लास्टिक पॉल्यूशन या प्लास्टिक कचरा फैलाने में दूसरे नंबर पर है PepsiCo। प्लास्टिक पॉल्यूशन में इसका कचरा 5 फीसदी पाया गया है। प्रमुख एफएमसीजी कंपनी नेस्ले और फ्रांस की फूड कंपनी Danone 3-3 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाती हैं।

ये कंपनियां भी खूब फैलाती हैं प्लास्टिक कचरा

अमेरिका की तंबाकू कंपनी Altria और तंजानिया का इंडस्ट्रियल ग्रुप Bakhresa Group भी 3-3 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाते हैं। इंडोनेशिया की लाइफस्टाइल कंपनी Wings और ब्रिटेन की FMCG कंपनी Unilever 2-2 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाती हैं।

एक भी भारतीय कंपनी नहीं

पीटी मायोरा इंदा टीबीके, जिसे मायोरा के नाम से भी जाना जाता है, एक इंडोनेशियाई मल्टीनेशनल फूड और बेवरेज कंपनी है। ये एक फीसदी प्लास्टिक कचरा फैलाने के लिए जिम्मेदार है। भारत की एक भी कंपनी प्लास्टिक कचरा फैलाने वाली टॉप कंपनियों में शामिल नहीं है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article