What Is Plastic Pollution: हर साल दुनिया भर की कंपनियां 400 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक बनाती हैं, जिसमें बड़ा हिस्सा पॉल्यूशन की वजह बनता है। इस प्लास्टिक में से कुछ वॉटरवेज या समुद्रों की किनारों पर फैल जाता है। कुछ छोटे माइक्रोप्लास्टिक या नैनोप्लास्टिक के टुकड़े हवा में तैरते है और इंसानों के फेफड़ों, खून और अंगों में प्रवेश करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इस प्लास्टिक पॉल्यूशन का सबसे ज्यादा जिम्मेदार कौन है? वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 56 कंपनियां आधे से अधिक प्लास्टिक पॉल्यूशन के लिए जिम्मेदार हैं। आगे जानिए इन कंपनियों के नाम।
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कोका-कोला का है सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा
दुनिया में 50 प्रतिशत से अधिक ब्रांडेड प्लास्टिक कचरे के लिए दुनिया की 56 कंपनियां जिम्मेदार हैं। इनमें पहले नंबर पर कोका-कोला है। कोका-कोला की दुनिया भर के ब्रांडेड प्लास्टिक पॉल्यूशन में 11% हिस्सेदारी है।
दूसरे नंबर पर है PepsiCo
प्लास्टिक पॉल्यूशन या प्लास्टिक कचरा फैलाने में दूसरे नंबर पर है PepsiCo। प्लास्टिक पॉल्यूशन में इसका कचरा 5 फीसदी पाया गया है। प्रमुख एफएमसीजी कंपनी नेस्ले और फ्रांस की फूड कंपनी Danone 3-3 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाती हैं।
ये कंपनियां भी खूब फैलाती हैं प्लास्टिक कचरा
अमेरिका की तंबाकू कंपनी Altria और तंजानिया का इंडस्ट्रियल ग्रुप Bakhresa Group भी 3-3 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाते हैं। इंडोनेशिया की लाइफस्टाइल कंपनी Wings और ब्रिटेन की FMCG कंपनी Unilever 2-2 फीसदी प्लास्टिक पॉल्यूशन फैलाती हैं।
एक भी भारतीय कंपनी नहीं
पीटी मायोरा इंदा टीबीके, जिसे मायोरा के नाम से भी जाना जाता है, एक इंडोनेशियाई मल्टीनेशनल फूड और बेवरेज कंपनी है। ये एक फीसदी प्लास्टिक कचरा फैलाने के लिए जिम्मेदार है। भारत की एक भी कंपनी प्लास्टिक कचरा फैलाने वाली टॉप कंपनियों में शामिल नहीं है।
