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Rooftop Solar Units installation Issues: तो इसलिए लोग छत पर नहीं लगा पा रहे सौर पैनल, सर्वे में सामने आई ये बातें

Rooftop Solar Units installation Issues: भारत में छतों पर सोलर पैनल लगाने में कई दिक्कतें हो रही हैं। इसी को लेकर एक सर्वे किया गया है। जिसमें एक बड़ा तबका मानता है कि सौर ऊर्जा समाधानों को लागू करने की लागत पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में थोड़ी अधिक है। इसमें इन समाधानों को अपनाने के लिए तैयार लोगों को उपलब्ध अवसरों और वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया गया है।

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छतों पर सौर ऊर्जा इकाई लगाना।

Photo : iStock

Rooftop Solar Units installation Issues: भारत में छतों पर सोलर पैनल लगाने के मामले में इसको लगाने ज्यादा कीमत का होना और कुशल कार्यबल की कमी प्रमुख बाधा है। एक सर्वे रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजीज का यह सर्वे देश के पांच महानगरों और आठ शहरों के 4,318 प्रतिभागियों के आधार पर तैयार की गई है।

सोलर पैनल लगाने में क्या हैं बाधाएं

‘सोलर स्पेक्ट्रम ऑफ न्यू इंडिया’ सर्वे के लगभग 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सौर पैनल लगाने में विशेष कौशल की जरूरत को स्वीकार किया जबकि 45 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर कुशल श्रम उपलब्ध नहीं है।

6 पॉइंट में जानें सोलर पैनल लगाने में क्यो हो रही दिक्कतें

  1. सौर पैनल लगाने में विशेष कौशल की जरूरत
  2. स्थानीय स्तर पर कुशल श्रम उपलब्ध नहीं
  3. विशेष कौशल की कमी, अनुमानित लागत प्रभाव और पहुंच हैं
  4. ऊंची शुरुआती स्थापना लागत
  5. सौर ऊर्जा समाधानों को लागू करने की लागत पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में थोड़ी अधिक
  6. अवसरों और वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूकता का ना होना

59 प्रतिशत लोग ऊंची लागत को लेकर चिंतित

रिपोर्ट कहती है, ‘‘भारत में सौर ऊर्जा को अपनाने में शीर्ष बाधाओं के तौर पर विशेष कौशल की कमी, अनुमानित लागत प्रभाव और पहुंच हैं।’’ सौर पैनल, बैटरी और इन्वर्टर के निर्माण में सक्रिय ल्यूमिनस की तरफ से कराए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि करीब 59 प्रतिशत लोग ऊंची शुरुआती स्थापना लागत को लेकर चिंतित हैं।

वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूक करने की जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक, एक बड़ा तबका मानता है कि सौर ऊर्जा समाधानों को लागू करने की लागत पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में थोड़ी अधिक है। इसमें इन समाधानों को अपनाने के लिए तैयार लोगों को उपलब्ध अवसरों और वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया गया है।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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