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Parle vs Parle : उधर PM Modi ने गिफ्ट की Melody, इधर इस छुटकू शेयर पर टूट पड़े निवेशक

शेक्सपीयर ने कहा था नाम में क्या रखा है, लेकिन, शेयर बाजार में नाम बहुत काम का है। आज बाजार में बिस्किट वाली मशहूर पारले की जगह, गुमनाम पारले इंडस्ट्रीज के शेयर में अपर सर्किट लग गया।

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मलोडी के नाम पर पारले इंडस्ट्रीज की मौज

Parle vs Parle : Melody टॉफी बनाने वाली Parle सुर्खियों में है। लेकिन, शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। वहीं, सुर्खियों से दूर एक कंपनी है, जिसका नाम भी पारले है और बाजार में लिस्टेड है। ऐसे में जब मेलोडी बनाने वाली पारले की चर्चा हुई, तो निवेशकों ने बाजार में इस कंपनी को ढूंढना शुरू किया। सिर्फ ढूंढा ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में निवेशकों ने इसके शेयर खरीदने शुरू कर दिए, क्योंकि भारत और इटली के डिप्लोमैटिक रिलेशन में पारले की मेलोडी ने जगह बना ली है।

बहरहाल, पैनी कैटेगरी का यह शेयर आज रॉकेट की रफ्तार में उड़ा और अपर सर्किट में चला गया है। 5% की तेजी के बाद शेयर की कीमत 5.25 रुपये तक पहुंचकर बंद हो गई। बुधवार को जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो Parle Industries का शेयर 4.95 रुपये पर ओपन हुआ। लेकिन, जैसे-जैसे PM Modi की तरफ से इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Parle की टॉफी Melody गिफ्ट करने की बात फैली, तो 12:20 के बाद अचानक शेयर में ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिली और यह अपर सर्किट में चला गया।

क्या करती है कंपनी?

Parle Industries पहले पारले बिसलेरी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी थी। इसके बाद, यह सन बीम इंफोटेक लिमिटेड की सब्सिडियरी बन गई। उसके बाद, यह ईगु उद्योग लिमिटेड की सब्सिडियरी बन गई। फिलहाल, यह फॉर्च्यून पॉइंट एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की सब्सिडियरी है। पहले यह सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट के बिजनेस में थी और अब इंफ्रा और रियल एस्टेट डेवलपमेंट में कदम रखा है।

सिर्फ 25 करोड़ है मार्केट कैप

SME कैटेगरी की इस कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल महज 25 करोड़ रुपये है। हालांकि, बिस्किट बनाने वाली Parle Product का वैल्यूएशन करीब 10 अरब डॉलर के आसपास है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि कंपनी में फिलहाल प्रमोटर्स की हिस्सेदारी शून्य है। यानी एक तरह से कंपनी को बनाने और चलाने वाले लोग कंपनी में कोई हिस्सेदारी ही नहीं रखते हैं। बल्कि, यह एक 100% रिटेल हिस्सेदारी वाली कंपनी है।

क्या है कंपनी में खास?

कंपनी किसी एक्टिव बिजनेस में नहीं है। सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ के मोर्चे पर भी कंपनी का कोई डेडा उपलब्ध नहीं है। क्योंकि असल में कंपनी कोई कारोबार ही नहीं कर रही है। बल्कि, कंपनी ने कुछ बिजनेस और स्टॉक्स में निवेश किया है। इसकी वजह से कंपनी की बुक वैल्यू इसके स्टॉक की वैल्यू से ज्यादा है। बुधवार को स्टॉक प्राइस जहां 5.25 रुपये रही, वहीं बुक वैल्यू 29.6 रुपये है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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