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Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में नेट को लेकर हाय-तौबा, कंपनियां छोड़ रही हैं मुल्क

Pakistan Internet Crisis: पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल (पीबीसी) और पाकिस्तान सॉफ्टवेयर हाउसेज एसोसिएशन (पीएसएचए) ने सरकार द्वारा लगाए जा रहे विवादास्पद फ़ायरवॉल सिस्टम के कारण पाकिस्तान में इंटरनेट की धीमी रफ्तार के कारण बिजनेस और इंडस्ट्री एसोसिएशंस ने बड़े पैमाने पर देश से विदेशी कंपनियों के बाहर जाने को लेकर चेतावनी दी है।

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विदेशी कम्पनियां पाकिस्तान छोड़ रही हैं

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • Pak में घटी नेट स्पीड
  • जाने लगीं विदेशी कंपनियां
  • PBC ने दी चेतावनी

Foreign Companies Leaving Pakistan: बीते कई सालों से पाकिस्तान की वित्तीय हालत लगातार खराब होती जा रही है। बढ़ती महंगाई और कर्ज के बोझ की वजह से पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अलावा कई अन्य देशों से कर्ज ले चुका है, मगर देश के हालात नहीं बदल रहे हैं। अब इसके सामने एक और दिक्कत आ गई है, जिसके चलते विदेशी कंपनियां देश छोड़ कर जा रही हैं। कई MNC अन्य देशों में अपने ऑफिस खोलने की तैयारी में हैं। पाकिस्तान में क्या है नया संकट, आगे जानिए।

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इंटरनेट में आ रही दिक्कत

पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान धीमी इंटरनेट स्पीड से जूझ रहा है, जिससे यूजर्स फ्रस्ट्रेट हो रहे हैं। धीमे इंटरनेट की वजह पर वहां बहस छिड़ गई है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि सरकार ऑनलाइन स्पेस पर कंट्रोल को कड़ा करने के लिए चीन जैसा इंटरनेट फ़ायरवॉल इंस्टॉल कर रही है।

वहीं सरकारी अधिकारियों ने धीमी इंटरनेट स्पीड का कारण सुरक्षित कनेक्शन या वीपीएन का बढ़ता उपयोग बताया है।

क्या होता है फायरवॉल

फायरवॉल एक नेटवर्क सिक्योरिटी सिस्टम है जिसके जरिए सुरक्षा नियमों के आधार पर इनकमिंग और आउटगोइंग नेटवर्क ट्रैफ़िक की निगरानी और नियंत्रण किया जाता है।

कंपनियों के बिजनेस पर पड़ रहा असर

पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल (पीबीसी) और पाकिस्तान सॉफ्टवेयर हाउसेज एसोसिएशन (पीएसएचए) ने सरकार द्वारा लगाए जा रहे विवादास्पद फ़ायरवॉल सिस्टम के कारण पाकिस्तान में इंटरनेट की धीमी रफ्तार के कारण बिजनेस और इंडस्ट्री एसोसिएशंस ने बड़े पैमाने पर देश से विदेशी कंपनियों के बाहर जाने को लेकर चेतावनी दी है।

कौन-कौन सी कंपनियों ने छोड़ा पाकिस्तान

कुछ महीने पहले उबर, फाइजर, शेल, एली एली (अमेरिका), सनोफी (फ्रांस), टेलीनॉर (नॉर्वे), लोट्टो केमिकल (दक्षिण कोरिया) जैसी कुछ टॉप कंपनियों ने अपनी पूरी या कुछ हिस्सेदारी लोकल पाकिस्तानी कंपनियों को बेच दी है।

कहां जा रहीं कंपनियां

दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से जून 2024 के दौरान दुबई में 3,968 पाकिस्तानी कंपनियां रजिस्टर्ड हुई हैं। यानी पाकिस्तान से निकलकर ये कंपनियां दुबई जा रही हैं। 2023 में जनवरी-जून में 3,395 फर्म दुबई में रजिस्टर हुई थीं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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