Foreign Companies Leaving Pakistan: बीते कई सालों से पाकिस्तान की वित्तीय हालत लगातार खराब होती जा रही है। बढ़ती महंगाई और कर्ज के बोझ की वजह से पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अलावा कई अन्य देशों से कर्ज ले चुका है, मगर देश के हालात नहीं बदल रहे हैं। अब इसके सामने एक और दिक्कत आ गई है, जिसके चलते विदेशी कंपनियां देश छोड़ कर जा रही हैं। कई MNC अन्य देशों में अपने ऑफिस खोलने की तैयारी में हैं। पाकिस्तान में क्या है नया संकट, आगे जानिए।
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इंटरनेट में आ रही दिक्कत
पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान धीमी इंटरनेट स्पीड से जूझ रहा है, जिससे यूजर्स फ्रस्ट्रेट हो रहे हैं। धीमे इंटरनेट की वजह पर वहां बहस छिड़ गई है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि सरकार ऑनलाइन स्पेस पर कंट्रोल को कड़ा करने के लिए चीन जैसा इंटरनेट फ़ायरवॉल इंस्टॉल कर रही है।
वहीं सरकारी अधिकारियों ने धीमी इंटरनेट स्पीड का कारण सुरक्षित कनेक्शन या वीपीएन का बढ़ता उपयोग बताया है।
क्या होता है फायरवॉल
फायरवॉल एक नेटवर्क सिक्योरिटी सिस्टम है जिसके जरिए सुरक्षा नियमों के आधार पर इनकमिंग और आउटगोइंग नेटवर्क ट्रैफ़िक की निगरानी और नियंत्रण किया जाता है।
कंपनियों के बिजनेस पर पड़ रहा असर
पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल (पीबीसी) और पाकिस्तान सॉफ्टवेयर हाउसेज एसोसिएशन (पीएसएचए) ने सरकार द्वारा लगाए जा रहे विवादास्पद फ़ायरवॉल सिस्टम के कारण पाकिस्तान में इंटरनेट की धीमी रफ्तार के कारण बिजनेस और इंडस्ट्री एसोसिएशंस ने बड़े पैमाने पर देश से विदेशी कंपनियों के बाहर जाने को लेकर चेतावनी दी है।
कौन-कौन सी कंपनियों ने छोड़ा पाकिस्तान
कुछ महीने पहले उबर, फाइजर, शेल, एली एली (अमेरिका), सनोफी (फ्रांस), टेलीनॉर (नॉर्वे), लोट्टो केमिकल (दक्षिण कोरिया) जैसी कुछ टॉप कंपनियों ने अपनी पूरी या कुछ हिस्सेदारी लोकल पाकिस्तानी कंपनियों को बेच दी है।
कहां जा रहीं कंपनियां
दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से जून 2024 के दौरान दुबई में 3,968 पाकिस्तानी कंपनियां रजिस्टर्ड हुई हैं। यानी पाकिस्तान से निकलकर ये कंपनियां दुबई जा रही हैं। 2023 में जनवरी-जून में 3,395 फर्म दुबई में रजिस्टर हुई थीं।
