हाउसिंग स्कीम (UPAVP)
अगर आप दिल्ली से सटे एरिया में सस्ता फ्लैट ढूंढ रहे हैं तो आपको गाजियाबाद अथॉरिटी बेस्ट मौका दे रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने गाजियाबाद में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर फ्लैट की चाबी दी जाएगी। सपना 2 योजना उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद (UPAVP) की मंडोला विहार योजना के अंतर्गत स्थित है। मंडोला विहार में शुरू हुई ‘सपना–2’ आवास योजना के लिए आवेदन 30 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किए जा सकते हैं। यह पहले आओ–पहले पाओ (FCFS) आधारित योजना है, जिसमें कुल 225 बहुमंजिला 3 BHK फ्लैट (G+3 मॉडल) उपलब्ध हैं। हर फ्लैट का आकार 86.04 वर्ग मीटर (लगभग 926 वर्ग फुट) है, और इसकी कीमत ₹34.28 लाख से ₹38 लाख के बीच रखी गई है। आवेदन के लिए कुल लागत का 5% बुकिंग शुल्क जमा करना होगा।
15% छूट: अगर संपत्ति की पूरी कीमत बुकिंग के 60 दिनों के भीतर चुकाई जाती है।
10% छूट: अगर पूरी कीमत बुकिंग के 61 से 90 दिनों के भीतर चुकाई जाती है।
आवेदक कुल कीमत का 5% भुगतान करके अपनी आवासीय इकाई बुक कर सकते हैं। प्राधिकरण ने बुकिंग के बाद कुल कीमत का 50% प्राप्त होने पर कब्ज़ा देने की घोषणा की है। वहीं, सरकारी कर्मचारी और अर्धसैनिक बल के जवान कुल कीमत का केवल 25% भुगतान करके कब्जा प्राप्त कर सकते हैं।
गाजियाबाद अथॉरिटी की मधुबन-बापूधाम, कोयल एन्क्लेव ओर इंद्रप्रस्थ हाउसिंग स्कीम में शामिल कर मार्केट से कम काफी कम कीमत में फ्लैट खरीद सकते हैं। आपको बता दें कि मधुबन-बापूधाम पॉकेट-एफ में 2बीएचके फ्लैट 3379000 रुपये में उपलब्ध है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन चार्ज 340000 रुपये है। गाजियाबाद अथॉरिटी ही अलग-अलग हाउसिंग स्कीम में मिनी एमआईजी, 1बीएचके, 3बीएचके फ्लैट भी उपलब्ध है। इस स्कीम में फ्लैट का आवंटन पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है।
वर्तमान आवंटन पद्धति FCFS है, जो लॉटरी प्रणाली का स्थान लेती है। इसका मतलब है कि आप किसी विशिष्ट उपलब्ध फ्लैट का चयन कर सकते हैं और बुकिंग राशि का भुगतान करके उसे तुरंत सुरक्षित कर सकते हैं।
कनेक्टिविटी: मंडोला विहार अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यह दिल्ली-सहारनपुर रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9) के निकट है, जिससे दिल्ली-एनसीआर तक उत्कृष्ट पहुँच मिलती है।
रेडी-टू-मूव: इस योजना के तहत पेश की जा रही अधिकांश संपत्तियां रेडी-टू-मूव हैं, जिसका अर्थ है कि आप निर्माण कार्य शुरू होने तक जल्दी से कब्ज़ा प्राप्त कर सकते हैं और किराये की लागत बचा सकते हैं।
कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है, FCFS योजना के तहत आवेदन कर सकता है। आमतौर पर किसी व्यक्ति द्वारा बुक किए जा सकने वाले फ्लैटों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है।