OPEC Plus Announced Oil Production cut: भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में कच्चे तेल की कीमतें पर असर दिख सकता है। सऊदी अरब और ओपेक प्लस (OPEC Plus) देशों ने अगले महीने से कच्चे तेल के उत्पादन में हर दिन लगभग 1.16 मिलियन बैरल की कटौती करने की घोषणा की है। सऊदी अरब ने कहा है कि वह मई से 2023 के अंत तक कच्चे तेल के प्रोडक्शन में हर 5 लाख बैरल की कटौती करेगा। सऊदी अरब के इस कदम से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। यही नहीं रियाद और अमेरिका के रिश्तों में तनाव होने की भी आशंका है। बता दें यूक्रेन-रूस के युद्ध के चलते ही पूरी दुनिया महंगाई का सामना कर रही है।
फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी
फैसले के बाद आज वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। जहां WTI क्रूड 3.70 डॉलर या 4.92 फीसदी की बढ़त के साथ 79.37 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा हैं। वहीं ब्रेंट क्रूड 3.86 डॉलर या 4.83 फीसदी की तेजी के साथ 83.75 डॉलर पर आ गया है।
ओपेक और गैर-ओपेक सदस्यों से करेंगे बात
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने रविवार को कहा कि यह कटौती कुछ ओपेक और गैर-ओपेक सदस्यों से बातचीत करके की जाएगी। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया। यह कटौती पिछले साल अक्टूबर में ऐलान की गई कटौती से एक्स्ट्रा होगी। सऊदी अरब ने इस कदम को तेल बाजार को स्थिर करने के उद्देश्य से 'एहतियाती कदम' बताया है। सऊदी अरब और अन्य ओपेक सदस्यों ने पिछले साल तेल उत्पादन में कमी कर अमेरिकी सरकार को नाराज कर दिया था। उस समय अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले थे और महंगाई प्रमुख चुनावी मुद्दा था।
कटौती मई से होगी लागू
सऊदी अरब के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत की ओर से भी ऐसी ही कटौती होने वाली है। खबर है कि तीनों देश संयुक्त तौर पर कुल 772,000 बैरल प्रति दिन की कटौती करेंगे जो मई से लागू होगा। इन देशों ने इस कदम को बाजार में स्थिरता के उद्देश्य से 'एहतियाती उपाय' करार दिया है। अल्जीरिया ने भी इसी समय-सीमा में 48,000 बीपीडी की कटौती की घोषणा की है। 2020 में कोविड महामारी की पीक के बाद क्रूड ऑयल प्रोडक्शन में यह सबसे बड़ी कटौती है।
महंगाई और ब्याज दरों पर पड़ेगा असर
तेल उत्पादन में इतनी बड़ी कटौती के फैसले से महंगाई के और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। साथ ही सेंट्रल बैंकों की ओर से ब्याज दरों में और अधिक बढ़ोतरी की जा सकती है। दूसरी ओर, नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अगले महीने रूस को कच्चे तेल का पहला ऑर्डर देने की तैयारी में है। पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने बताया कि इसके बाद तेल को पाकिस्तान पहुंचने में लगभग चार सप्ताह लग जाएंगे। वर्तमान में सबसे ज्यादा विदेशी ऋण और कमजोर स्थानीय मुद्रा से जूझ रहा पाकिस्तान रूस से सस्ती दरों पर कच्चा तेल खरीदने के लिए उत्साहित है।
