Ola Electric IPO: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से धन जुटाने के लिए शुक्रवार को बाजार नियामक सेबी के पास शुरुआती दस्तावेज जमा कराए हैं। यह 20 से अधिक साल में भारत में किसी वाहन विनिर्माता का पहला आईपीओ होगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ में 5,500 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और 9,51,91,195 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल होगी। IPO से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग अनुषंगी कंपनी द्वारा किए जाने वाले पूंजीगत व्यय, ओला गीगाफैक्टरी परियोजना के लिए ओसीटी, सहायक ओईटी द्वारा ऋण का भुगतान, अनुसंधान और उत्पाद विकास में निवेश, जैविक वृद्धि पहल और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा।
कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और बैटरी पैक व मोटर जैसे ईवी के प्रमुख कलपुर्जों का विनिर्माण करती है।
कैसा होगा IPO
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार ओला के आईपीओ में नए इक्विटी शेयरों के अलावा कुछ मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री की जा सकती है। सिंगापुर की टेमासेक (Temasek) और जापान का सॉफ्टबैंक (Softbank) जैसे प्रमुख ग्लोबल इंवेस्टर इसके निवेशकों में शामिल हैं।
ईवी मैन्युफैक्चरिंग के लिए जुटाए 3200 करोड़ रु
इसी साल अक्टूबर में ओला ने इक्विटी और डेब्ट के जरिए 3,200 करोड़ रुपये जुटाए थे। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार इस फंड का एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडु गीगाफैक्ट्री में एक ईवी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और एक बैटरी यूनिट को फास्ट ट्रैक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके 2024 की शुरुआत तक चालू होने की उम्मीद है। गीगाफैक्ट्री एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है जो पर्यावरण को डीकार्बोनाइजिंग करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन करती है।डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
