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Nvidia ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 3 महीने में ₹5,53,850 करोड़ का मुनाफा, ₹7,60,000 करोड़ का बायबैक

Nvidia दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी क्यों है, इसका जवाब कंपनी के नतीजे दे रहे हैं। तीन महीने में ₹5,53,850 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। इसके साथ ही ₹7,60,000 करोड़ के बायबैक का ऐलान किया है।

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भारतीय बाजार में लिस्टेड ज्यादातर कंपनियों के मार्केट कैप से ज्यादा मुनाफा

Nvidia Records Profit : पूरी दुनिया में AI बूम का सबसे बड़ा फायदा Nvidia को मिला है। कंपनी ने फरवरी से अप्रैल तिमाही में रिकॉर्ड 58.3 अरब डॉलर प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। 95 रुपये प्रति डॉलर के हिसाब से देखें, तो कंपनी का मुनाफा ₹5,53,850 करोड़ रहा है। जबरदस्त नतीजों के साथ ही कंपनी ने निवेशकों को डबल तोहफा दिया है। एक तो 80 अरब डॉलर यानी करीब ₹7,60,000 करोड़ के बायबैक का ऐलान किया है। इसके साथ ही डिविडेंड का ऐलान भी किया है। तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 37% और सालाना आधार पर 200% से ज्यादा का जंप आया है। मुनाफे के साथ ही कंपनी के रेवेन्यू में भी बड़ा उछाल आया है। रेवेन्यू रिकॉर्ड 81.6 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 85% ज्यादा है।

भारत की GDP से ज्यादा मार्केट कैप

Nvidia मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। फिलहाल इसका मार्केट कैप 5.41 लाख करोड़ डॉलर है। यह रकम भारत की GDP से भी ज्यादा है, जो फिलहाल करीब 4 लाख करोड़ डॉलर के आसपास है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी Nvidia की तुलना में कम है।

डाटा सेंटर बने असली गेमचेंजर

फरवरी से अप्रैल तिमाही तिमाही के दौरान Nvidia की कमाई में सबसे बड़ा योगदान इसके डाटा सेंटर बिजनेस ने दिया है। डाटा सेंटर्स से होने वाली कमाई एक तिमाही में 92% उछलकर 75.2 अरब डॉलर पहुंच गई है। कंपनी के डाटा सेंटर बिजनेस में बूम के पीछे असल में दुनियाभर की टेक कंपनियां के AI मॉडल की ट्रेनिंग है। इसके अलावा कई बड़ी AI कंपनियां Agentic AI सिस्टम बना रहीं हैं। इसके लिए उन्हें Nvidia के हाई-एंड GPU की जरूरत पड़ती है। Microsoft, Amazon, Google और Meta जैसी कंपनियां अरबों डॉलर AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही हैं, जिसका पूरा फायदा Nvidia को मिल रहा है।

विस्फोटक तेजी से बढ़ी डिमांड

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के CEO जेनसेन हुआंग ने निवेशकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि AI की मांग अब विस्फोटक स्तर पर पहुंच चुकी है। खासतौर पर Agentic AI का दौर शुरू हो चुका है, जहां AI केवल सवालों के जवाब नहीं देगा, बल्कि खुद फैसले लेकर काम कर पाएगा। इसके साथ ही

उन्होंने कहा कि अब AI प्रोडक्टिव और वैल्यूएबल काम करने लगा है। यही असल वजह है कि कंपनियां अब आक्रामक तरीके से AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश कर रही हैं।

शेयरधारकों को बड़ा गिफ्ट

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी ने दमदार रिजल्ट के साथ ही निवेशकों को डबल गिफ्ट दिया है। 80 अरब डॉलर यानी करीब 7,60,000 करोड़ रुपये शेयर बायबैक का ऐलान किया गया है। इसके अलावा डिविडेंड को भी 0.01 डॉलर प्रति शेयर से बढ़ाकर 0.25 डॉलर प्रति शेयर कर दिया है। इससे यह साफ पता चलता है कि कंपनी के पास जरूरत से ज्यादा कैश उपलब्ध है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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