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NSE Registered Investor: NSE के निवेशकों की संख्या 10 करोड़ पार, पांच महीनों में एक करोड़ इन्वेस्टर जोड़े

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 8, 2024, 09:23 PM IST

NSE Registered Investor: पिछले कुछ वर्षों में एनएसई पर निवेशकों के रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है। एक्सचेंज ने कहा कि मार्च 2021 में पंजीकृत निवेशकों की संख्या चार करोड़ तक पहुंचने में 25 साल से ज्यादा का समय लगा। पिछले पांच वर्षों में निवेशक आधार में तीन गुना से अधिक का उछाल देखा गया है।

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NSE Registered Investor

Photo : PTI

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने गुरुवार को कहा कि उसके रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है, जिसमें एक करोड़ की बढ़ोतरी सिर्फ पांच महीनों में हुई है। डिजिटलीकरण में तेजी से वृद्धि, निवेशक जागरूकता में वृद्धि, वित्तीय समावेशन और बाजार के सतत प्रदर्शन के कारण पिछले पांच वर्षों में निवेशक आधार में तीन गुना से अधिक का उछाल देखा गया है।

10 करोड़ पार

एक्सचेंज ने एक बयान में कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया पर पंजीकृत निवेशकों का आधार आठ अगस्त, 2024 को 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया। इसके साथ ही एक्सचेंज में पंजीकृत ग्राहक कोड (खातों) की कुल संख्या 19 करोड़ हो गई है। इसमें आज तक किए गए सभी ग्राहक पंजीकरण शामिल हैं। खास बात यह है कि ग्राहक एक से अधिक ट्रेडिंग सदस्यों के साथ पंजीकरण करा सकते हैं।

निवेशकों के रजिस्ट्रेशन में तेजी

पिछले कुछ वर्षों में एनएसई पर निवेशकों के रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है। एक्सचेंज ने कहा कि मार्च 2021 में पंजीकृत निवेशकों की संख्या चार करोड़ तक पहुंचने में 25 साल से ज़्यादा का समय लगा। इसके बाद एक-एक करोड़ की वृद्धि औसतन लगभग छह-सात महीनों में हुई है। आखिरी एक करोड़ निवेशक महज पांच महीनों में ही एनएसई से जुड़ गए। 10 करोड़ पंजीकृत निवेशकों में से निवेशकों की औसत आयु 32 वर्ष है जबकि पांच साल पहले यह 38 वर्ष थी। यह युवाओं के बीच बाजारों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। आज लगभग पाँच में से एक निवेशक महिला है।

एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इस वृद्धि का श्रेय कई प्रमुख कारकों को दिया जा सकता है, जिसमें सुव्यवस्थित ‘अपने ग्राहक को जाने’ (केवाईसी) प्रक्रिया, अंशधारकों की अगुवाई वाले निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों द्वारा सुगम वित्तीय साक्षरता में वृद्धि और सकारात्मक बाजार धारणा शामिल है। (भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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