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NRI Remittance: वतन पर फिदा NRI, भारत भेज दी तीन गुना ज्यादा रकम, दो महीने में 2.7 अरब डॉलर

NRI Remittance:एनआरआई डिपॉजिट स्कीम में जमा राशि मई में बढ़कर 154.72 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। जबकि यह पिछले साल की इस अवधि में 0.6 अरब डॉलर थी। इसके साथ ही भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5 जुलाई को 657.16 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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NRI Remittance: वतन पर फिदा NRI, भारत भेज दी तीन गुना ज्यादा रकम, दो महीने में 2.7 अरब डॉलर

NRI Remittance:विदेशों में रहने वाले भारतीय (NRI) की ओर से देश भेजी जाने वाली राशि इस साल अप्रैल-मई में तीन गुना बढ़कर 2.7 अरब डॉलर हो गई। यह पिछले साल की समान अवधि में 0.6 अरब डॉलर थी। आरबीआई (RBI)के आंकड़ों के अनुसार एनआरआई डिपॉजिट स्कीम में जमा राशि मई में बढ़कर 154.72 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। स्कीम में फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (एफसीएनआर) डिपॉजिट, नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल (एनआरई) और नॉन-रेजिडेंट आर्डिनरी (एनआरओ) डिपॉजिट शामिल हैं।बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आने का असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ता है। आरबीआई के मुताबिक, रुपये का प्रदर्शन हाल के दिनों में दुनिया की अन्य मुद्राओं के मुकाबले काफी अच्छा रहा है।

क्यों विदेश से आ रहा है ज्यादा पैसा

विदेशों से आने वाली जमा राशि बढ़ने की वजह देश के निर्यात में भी बढ़ोतरी होना है। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 200 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात किया गया है।भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5 जुलाई को 657.16 अरब डॉलर था। यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार का अब तक का उच्चतम स्तर था। देश का बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है। इसके साथ ही आरबीआई को रुपये को मजबूती प्रदान करने के लिए अधिक विकल्प देता है। इस सप्ताह मासिक व्यापारिक आंकड़े जारी करते हुए वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो चालू वित्त वर्ष में निर्यात का आंकड़ा 800 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 200 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात किया गया है।

कितना बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 9.70 अरब डॉलर उछलकर अबतक के उच्चतम स्तर 666.85 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले सप्ताह में कुल मु्द्रा भंडार 5.16 अरब डॉलर बढ़कर 657.15 अरब डॉलर हो गया था। यह इससे पहले के उच्चतम स्तर 655.82 अरब डॉलर को पार कर गया।रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 12 जुलाई को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 8.36 अरब डॉलर बढ़कर 585.47 अरब डॉलर हो गईं। इस दौरान स्वर्ण आरक्षित भंडार का मूल्य 1.23 अरब डॉलर बढ़कर 58.66 अरब डॉलर रहा।आरबीआई ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 7.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.11 अरब डॉलर हो गया। जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के पास भारत की रिजर्व जमा 3.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.61 अरब डॉलर हो गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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