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अब घर, जमीन भी आधार से होगी लिंक ! कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

केंद्र सरकार लोगों के अचल और चल संपत्ति के दस्तावेजों को आधार से लिंक कराना चाहती है। इसके पीछे सरकार का मकसद भ्रष्टाचार, काले धन और 'बेनामी' लेनदेन पर नकेल कसना है। पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा है।

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आधार को संपत्ति के दस्तावेजों से लिंक करें

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • घर-जमीन के दस्तावेजों को आधार से लिंक कराने पर हाई कोर्ट में सुनवाई
  • कोर्ट ने मांगा केंद्र सरकार से जवाब
  • मामले में दाखिल की गई है पीआईएल

Link Property With Aadhaar : दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से नागरिकों की अचल और चल संपत्ति के दस्तावेजों को उनके आधार नंबर से लिंक करने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। केंद्र सरकार भ्रष्टाचार, काले धन और 'बेनामी' लेनदेन पर अंकुश लगाने के लिए अचल और चल संपत्ति के दस्तावेजों को आधार से लिंक कराना चाहती है। एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों से जवाब तलब किया है।

इन मंत्रालयों से मांगा गया है जवाब

जस्टिस सतीश चंदर शर्मा और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सोमवार को वित्त मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और कानून मंत्रालय से इस मामले में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति सतीश चंदर शर्मा ने याचिका पर अपना पक्ष साफ करने के लिए दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय को और अधिक समय दिया और कहा कि 'याचिका में अच्छे कारणों से मुद्दे उठाए गए हैं'। इससे पहले अदालत ने रेस्पोंडेंट्स को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता को याचिका में बदलाव करने और इस मामले में ज्यादा संबंधित मंत्रालयों को शामिल करने के लिए कहा था।

क्या है याचिकाकर्ता की मांग

इस ममामले में केंद्र सरकार का पक्ष एडवोकेट मनीष मोहन और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने रखा। याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय खुद एक भाजपा नेता हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से चल-अचल संपत्ति के दस्तावेजों को आधार से लिंक करने के लिए निर्देश की मांग की है।

क्या हो सकता है फायदा

याचिका में कहा गया है कि अगर सरकार संपत्ति को आधार से लिंक करती है, तो इससे 2 प्रतिशत सालाना ग्रोथ होगी। इससे इलेक्टोरल प्रोसेस साफ-सुथरी होगी, जिसमें काला धन और बेनामी लेन-देन काफी अधिक चलन में है। इससे ब्लैक इंवेस्टमेंट के चक्र को बढ़ावा मिलता है, बेईमानी से लोग सत्ता पर काबिज होते हैं और ये सब नागरिकों के तिरस्कार के साथ किया जाता है। बताते चलें कि अब तक भारत में कई कानून बने हैं लेकिन उन्हें ठीक से लागू नहीं किया जा सका।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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