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Nvidia, Google और Meta नहीं, ये पांच स्टॉक्स हैं AI BOOM के असली विजेता, एक साल में दिया मल्टीबैगर रिटर्न

पिछले दो-तीन साल में पूरी दुनिया में AI Stocks में जोरदार तेजी आई मिली है। Nvidia, Google और Meta जैसी कंपनियां इस AI Boom के चलते ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप तक पहुंच गई हैं। यहां जानें, पिछले एक साल में इस रेस में असली विजेता रहीं पांच कंपनियां कौनसी हैं।

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एआई बूम से इन स्टॉक्स में तेजी

पिछले दो-तीन साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने ग्लोबल टेक सेक्टर की दिशा बदल दी है। Nvidia, Google और Meta जैसी दिग्गज कंपनियों ने मार्केट वैल्यू में भारी उछाल देखा, लेकिन शेयर बाजार के डेटा बताते हैं कि AI बूम के असली मल्टीबैगर कुछ दूसरी कंपनियां रहीं, जिन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और चिप सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभाई। पिछले एक साल में कई AI-लिंक्ड स्टॉक्स ने 172% से लेकर 250% तक का मल्टीबैगर रिटर्न दिया और निवेशकों को चौंका दिया।

चिप कंपनियां बनीं सबसे बड़ी विजेता

AI डेटा सेंटर्स और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने मेमोरी चिप्स की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। इसी का सबसे बड़ा फायदा दक्षिण कोरिया की SK Hynix और अमेरिकी कंपनी Micron Technology को मिला। दोनों कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई और साल भर में 200% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की कमी ने इन कंपनियों को कीमतें बढ़ाने का मौका दिया, जिससे मुनाफा और शेयर दोनों उछले।

Lam Research ने उपकरण सप्लाई से कमाया मुनाफा

AI बूम का फायदा सिर्फ चिप बनाने वाली कंपनियों को ही नहीं, बल्कि उन्हें बनाने के उपकरण सप्लायरों को भी मिला। Lam Research, जो सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरण बनाती है, ने भी इस मांग से बड़ा लाभ उठाया। नई मेमोरी फैक्ट्रियों और उत्पादन क्षमता विस्तार के कारण कंपनी के ऑर्डर बढ़े और शेयर ने एक साल में 130% से अधिक का रिटर्न दिया। यह दिखाता है कि AI बूम में पूरी सप्लाई चेन लाभ कमा रही है।

Delta Electronics ने मचाई डाटा सेंटर्स में धूम

AI सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म बनाने वाली कंपनियों को हार्डवेयर सर्विस देने वाली Delta Electronics भी इस रेस की बड़ी विजेता रही। कंपनी ने AI से जुड़े डाटा सेंटर्स के लिए इन्फ्रा सॉल्यूशन की बढ़ती मांग के बीच करीब 210% की छलांग लगाई है। विश्लेषकों के मुताबिक कंपनी सही समय पर सही प्रोडक्ट के साथ बाजार में मौजूद रही, जिसका सीधा फायदा शेयर को मिला।

Samsung Electronics को भी मिला AI बूम का फायदा

दुनिया की बड़ी मेमोरी और चिप निर्माता Samsung Electronics ने भी AI सर्वर और डेटा सेंटर्स की मांग से फायदा उठाया। कंपनी के सेमीकंडक्टर कारोबार में सुधार और मेमोरी प्राइस बढ़ने से स्टॉक में भी जोरदार तेजी आई और यह साल के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले AI-लिंक्ड शेयरों में शामिल रहा।

कंपनी का नाममौजूदा कीमत1 साल में बढ़त1 साल का रिटर्न (%)
SK Hynix Inc₩880,000+₩668,000315.09%
Samsung Electronics₩181,200+₩125,200223.57%
Micron Technology$411.66+$304.87285.49%
Lam Research Corp$235.53+$148.95172.04%
Delta Electronics Inc$1,260.00+$854.00210.34%
AI बूम की असली कहानी इंफ्रास्ट्रक्चर की

इन आंकड़ों से साफ है कि AI बूम का असली फायदा सिर्फ बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को नहीं, बल्कि उन कंपनियों को मिला जो चिप, मेमोरी और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं। आने वाले समय में भी AI निवेश जारी रहने से इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियां बाजार की नजर में बनी रह सकती हैं, हालांकि तेज रैली के बाद वैल्यूएशन अब निवेशकों के लिए नया जोखिम भी बन सकता है।

बड़े खिलाड़ियों का बड़ा खर्च

टेक सेक्टर की बड़ी कंपनियां AI की बढ़ती मांग को देखते हुए डेटा सेंटर, चिप्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश की तैयारी कर रही हैं। घोषित योजनाओं के अनुसार Amazon लगभग 200 अरब डॉलर के निवेश के साथ सबसे आगे दिख रही है, जबकि Google और Microsoft भी आक्रामक तरीके से अपनी AI और क्लाउड क्षमता बढ़ा रहे हैं। Meta और Oracle भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, जिससे साफ है कि AI रेस अब इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की हो चुकी है और आने वाले वर्षों में निवेश की यह होड़ और तेज हो सकती है।

कंपनीअनुमानित Capex / AI निवेश (2026)मुख्य फोकस
Amazon$200 अरबAWS क्लाउड और AI डेटा सेंटर विस्तार
Alphabet (Google)$175–185 अरबAI मॉडल, क्लाउड और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर
Microsoft$140 अरब से अधिकAzure क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर
Meta Platforms$115–135 अरबAI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता
Oracleलगभग $50 अरबक्लाउड और AI सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर
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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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