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क्रिप्टो की दुनिया में सनसनी: उत्तर कोरिया के हैकर्स ने निवेशकों के उड़ाए 2 अरब डॉलर, इन पैसों से करते हैं ये काम

Cryptocurrency Theft: उत्तर कोरियाई हैकर्स ने इस साल अब तक हाई नेट वर्थ वाले क्रिप्टो होल्डर्स को निशाना बनाकर 2 अरब डॉलर (करीब 1,77,57,41,59,400 रुपये) से अधिक की चोरी की है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यह चोरी उत्तर कोरिया की GDP का करीब 13% है, जो इस खतरनाक हैकिंग गिरोह की अब तक की सबसे बड़ी चोरी का रिकॉर्ड है।

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उत्तर कोरिया का साइबर हमला: हाई नेट वर्थ क्रिप्टो होल्डर्स के खातों से चोरी हो गई भारी रकम (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Cryptocurrency Theft : उत्तर कोरियाई हैकर्स ने इस साल अब तक अत्यधिक नेट वर्थ वाले क्रिप्टो होल्डर्स को निशाना बनाकर 2 अरब डॉलर (करीब 1,77,57,41,59,400 रुपये) से अधिक की चोरी की है। रिपोर्ट के मुताबिक हैकिंग से उत्तर कोरिया की जीडीपी का 13% हिस्सा आता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार यह चोरी उत्तर कोरिया की कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 13% हिस्सा है। यह रिकॉर्ड है जो इस खतरनाक हैकिंग गिरोह द्वारा अब तक की गई सबसे बड़ी चोरी को दर्शाता है।

क्रिप्टो कंपनियों के बाद अब अमीर व्यक्तियों को बनाया निशाना

पिछले कुछ वर्षों से, लाजरस ग्रुप जैसे हैकिंग टीमें मुख्य रूप से क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों को बड़े पैमाने पर डिजिटल टोकन चोरी के लिए निशाना बनाती रही हैं। लेकिन अब ये हैकर्स अमीर व्यक्तियों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि उनकी सुरक्षा उतनी मजबूत नहीं होती जितनी कंपनियों की होती है।

चोरी हुए फंड्स का इस्तेमाल उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रमों में

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि चोरी हुए फंडों का इस्तेमाल उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों और मिसाइल विकास कार्यक्रमों को फंड करने के लिए करता है।

चोरी की संख्या और भी अधिक हो सकती है

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एलिप्टिक के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. टॉम रॉबिन्सन कहते हैं कि व्यक्तिगत लक्ष्यों पर हमलों की वजह से चोरी की असली मात्रा और भी अधिक हो सकती है, क्योंकि ये साइबर हमले अक्सर रिपोर्ट नहीं होते।

हैकिंग की पहचान में चुनौतियां

टॉम रॉबिन्सन का कहना है कि अन्य चोरी की घटनाएं हो सकती हैं जो उत्तर कोरिया से जुड़ी हों, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण उन्हें निश्चित रूप से नहीं जोड़ा जा सकता।

ब्लॉकचेन तकनीक से चोरी की निगरानी

एलिप्टिक और चेनालिसिस जैसी कंपनियां बिटकॉइन और एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी के सार्वजनिक ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन की मदद से चोरी गई धनराशि की ट्रैकिंग कर सकती हैं।

2025 की चोरी ने कुल चोरी की रकम $6 अरब पार

एलिप्टिक का अनुमान है कि इस साल की चोरी ने उत्तर कोरिया द्वारा अब तक की कुल चोरी गई क्रिप्टो संपत्ति की रकम को $6 अरब से ऊपर पहुंचा दिया है।

सबसे बड़ी चोरी: फरवरी में ByBit से $1.4 अरब

इस साल फरवरी में क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit से $1.4 अरब की चोरी सबसे बड़ी घटना थी। जुलाई में WOO X से $14 मिलियन की चोरी, जिसमें 9 उपयोगकर्ता प्रभावित हुए। Seedify से $1.2 मिलियन की चोरी। अन्य अज्ञात संगठनों और व्यक्तियों से करोड़ों डॉलर की चोरी।

व्यक्तिगत स्तर पर सबसे बड़ी चोरी $100 मिलियन

इस साल किसी एक व्यक्ति से सबसे ज्यादा $100 मिलियन की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई है। 2025 की चोरी 2022 के रिकॉर्ड को तोड़ दी है। इस साल की चोरी 2022 के रिकॉर्ड $1.35 अरब की चोरी को भी पीछे छोड़ चुकी है।

नकली आईटी वर्कर्स प्रोग्राम के आरोप

उत्तर कोरिया पर एक नकली आईटी वर्कर्स प्रोग्राम चलाने का भी आरोप है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को छल करने और अतिरिक्त धन जुटाने के लिए इस्तेमाल होता है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको किसी भी तरह के निवेश करना हो तो एक्सपर्ट से संपर्क करें)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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