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बाजार खुलते ही 6 लाख करोड़ स्वाह! सेंसेक्स 800 और निफ्टी 250 अंक से ज्यादा फिसला, बाजार में क्यों आई गिरावट?

Nifty Sensex Share Market: शेयर बाजार में शुक्रवार को खुलते ही कोहराम मच गया है। निफ्टी और सेंसेक्स में करीब एक फीसदी की गिरावट आ चुकी है। सेंसेक्स जहां 700 अंक से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी में 250 अंक से ज्यादा की गिरावट है।

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बाजार में हाहाकार

Why Share Market Falling Today: 13 फरवरी को बाजार खुलते ही भारी बिकवाली हुई है। इसकी वजह से निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी जहां 250 अंक से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, सेंसेक्स में भी करीब 800 अंक की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट सिर्फ बेंचमार्क इंडेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रॉड मार्केट और सेक्टोरल मार्केट में भी तबाही मची हुई है। इसकी वजह से मार्केट ब्रेड्थ बेहद कमजोर हो गई है।

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार दबाव में दिख रहा है, जहां निफ्टी 50 करीब 25,500 के आसपास 1% से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि बीएसई सेंसेक्स भी लगभग 800 अंक टूटकर 82,800 के नीचे फिसल गया। बाजार पर आईटी और बड़े हैवीवेट शेयरों में बिकवाली का दबाव दिख रहा है, जिससे अधिकांश शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं और बाजार की चौड़ाई भी कमजोर बनी हुई है।

BSE Mcap (1)

BSE Mcap (1)

बाजार में जारी चौतरफा गिरावट के चलते कारोबार की शुरुआत में ही निवेशकों को 6 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। गुरुवार को बाजार बंद होते समय लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 47221442.73 करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को 46576255.14 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह निवेशकों की पूंजी में 6,45,187.59 करोड़ रुपये की कमी आई है।

10 महीने के निचले स्तर पर आईटी इंडेक्स

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी मार आईटी सेक्टर पर दिखी। इन्फोसिस में करीब 6% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि टीसीएस में भी 5% से ज्यादा की कमजोरी दिखी। इसके अलावा एचसीएल टेक और विप्रो जैसे शेयर भी 3–4% तक टूटे। आईटी शेयरों में कमजोरी ने पूरे इंडेक्स पर दबाव बनाया। फिलहाल, निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 10 महीने के निचले स्तर पर आ चुका है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में आज भारी बिकवाली देखने को मिली और यह करीब 4.8% टूटकर 31,600 के नीचे फिसल गया, जो हाल के महीनों के निचले स्तरों के करीब है। इंडेक्स के सभी प्रमुख आईटी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे सेक्टर पर दबाव बढ़ा है। पिछले एक महीने में इंडेक्स करीब 17% और साल की शुरुआत से अब तक करीब 17% गिर चुका है, जो बताता है कि आईटी सेक्टर में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और यही कमजोरी आज पूरे बाजार की गिरावट की बड़ी वजह बनी है।

nifty IT

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कौनसा आईटी शेयर कितना फिसला?

निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी प्रमुख शेयर आज गिरावट में कारोबार कर रहे हैं, जिसमें इन्फोसिस सबसे ज्यादा 6.08% टूटा, जबकि कोफोर्ज में 5.37%, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज (OFSS) में 4.97%, टीसीएस में 4.78% और एचसीएल टेक में 4.69% की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा एलटीआईमाइंडट्री 3.83%, विप्रो 3.73%, टेक महिंद्रा 3.64%, एमफैसिस 3.23% और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 3.11% टूटे, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

कंपनीशेयर प्राइस (₹)गिरावट (₹)गिरावट (%)
Infosys1,301.70-84.30-6.08%
Coforge1,345.10-76.40-5.37%
OFSS6,428.00-336.00-4.97%
TCS2,618.70-131.40-4.78%
HCL Tech1,406.90-69.20-4.69%
LTIMindtree5,012.00-199.50-3.83%
Wipro210.91-8.17-3.73%
Tech Mahindra1,480.70-55.90-3.64%
Mphasis2,384.50-79.50-3.23%
Persistent Systems5,282.50-169.50-3.11%

बाजार ब्रेड्थ बेहद कमजोर

बाजार में गिरावट सिर्फ आईटी शेयरों तक सीमित नहीं है। बल्कि चौतरफा बिकवालीह हावी है। इसकी वजह से मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर हो रही है। NSE पर करीब 2,700 से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें सिर्फ लगभग 400 शेयरों में तेजी रही, जबकि 2,200 से ज्यादा शेयर गिरावट में रहे। कई शेयर निचले सर्किट के करीब दिखे, जबकि नए 52 सप्ताह के लो छूने वाले शेयरों की संख्या भी बढ़ी।

Broad Market

Broad Market

चुनिंदा शेयरों में रही मजबूती

हालांकि, गिरते बाजार में भी कुछ शेयरों में मजबूती दिखी। HDFC Bank, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और एसबीआई लाइफ जैसे शेयर हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जिसने गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखने में मदद की।

ब्रॉड और सेक्टोरल मार्केट भी बेहाल

बाजार में आज व्यापक दबाव दिख रहा है, जहां निफ्टी 50 करीब 25,560 के आसपास लगभग 1% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है और मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.5% तक कमजोरी देखी जा रही है। सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटकर करीब 4–5% नीचे है, जबकि मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस शेयरों में भी 2–3% तक गिरावट दिख रही है। ज्यादातर सेक्टर और इंडेक्स लाल निशान में हैं, जिससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव पूरे बाजार में फैला हुआ है।

Sectoral Index

Sectoral Index

इन पांच वजहों से गिरा रहा बाजार

1. भारत में बढ़ गई महंगाई : गुरुवार को भारत में महंगाई के आंकड़े जारी किए गए। नए बेस ईयर के आधार पर जारी इन आंकड़ों के हिसाब से भारत में महंगाई बढ़ती दिख रही है। इससे रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कम हो गई हैं। इसे बाजार ने नेगेटिव सेंटिमेंट के तौर पर लिया है।

2. निफ्टी आईटी इंडेक्स 10 महीने के निचले स्तर पर: लगातार बिकवाली के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स एक ही सत्र में 5% से ज्यादा टूट गया, जिससे करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ हो गई और पूरे बाजार पर दबाव बढ़ा।

3. नैस्डैक में गिरावट से बिगड़ा ग्लोबल सेंटीमेंट: अमेरिकी टेक इंडेक्स नैस्डैक करीब 2% गिरा, जिससे दुनिया भर के टेक शेयरों में बिकवाली का माहौल बन गया और उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

4. एआई से आईटी कारोबार पर दबाव की चिंता: निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी सर्विसेज की मांग प्रभावित हो सकती है, जिससे भारतीय कंपनियों की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।

5. अमेरिकी महंगाई आंकड़ों को लेकर चिंता: निवेशक अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। अगर महंगाई ज्यादा रहती है तो ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं, जिससे ग्लोबल बाजारों में दबाव बढ़ सकता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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