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इन 4 राज्यों के 5 हाईवे पर NHAI ने बनाया ऐसा प्लान, निवेशकों को मिलेगा गोल्डेन मौका

Highway Monetization: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पांच राजमार्ग (National Highways) खंडों की 260 किलोमीटर लंबी परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण के लिए ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (आरआईआईटी) के 9,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ये परिसंपत्तियां झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित चार राज्यों में फैली हुई हैं।

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एनएचएआई की बड़ी पहल: चालू हाईवे खंडों का मौद्रीकरण, निवेशकों को मिलेगा आकर्षक रिटर्न (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Highway Monetization: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को एनएचएआई ने बताया कि उसने 260 किलोमीटर लंबे पांच राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों की परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाने यानी मौद्रीकरण के लिए ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (आरआईआईटी) के 9,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सरकार की राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) के तहत लिया गया है।

चार राज्यों में फैली हैं राजमार्ग परिसंपत्तियां

NHAI के अनुसार, जिन राजमार्ग परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण किया जा रहा है, वे देश के चार अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। इनमें झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं। कुल मिलाकर ये पांचों राजमार्ग खंड 260 किलोमीटर से अधिक लंबे हैं और पूरी तरह चालू हालत में हैं। इन सड़कों से नियमित रूप से टोल के जरिए राजस्व प्राप्त हो रहा है, जिससे ये निवेश के लिए आकर्षक बनती हैं।

किन-किन हाईवे खंडों को किया गया शामिल

मौद्रीकरण के लिए चुनी गई परिसंपत्तियों में झारखंड का 80.52 किलोमीटर लंबा गोरहर-बरवा अड्डा खंड शामिल है। आंध्र प्रदेश में 69.4 किलोमीटर लंबा चिलकलूरीपेट-विजयवाड़ा राजमार्ग खंड इस सूची में है। तमिलनाडु से 32.6 किलोमीटर लंबा चेन्नई बाइपास और 33 किलोमीटर लंबा चेन्नई-टाडा खंड को शामिल किया गया है। वहीं कर्नाटक में 44.6 किलोमीटर लंबा नीलमंगला-तुमकुर राजमार्ग खंड भी इस सौदे का हिस्सा है।

खुदरा निवेशकों को मिलेगा निवेश का मौका

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा कि इस सार्वजनिक इनविट (इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) के जरिए आम और खुदरा निवेशकों को राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों में निवेश का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि निवेशकों को इन चालू सड़कों से स्थिर और आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना है। साथ ही, इससे लोगों में देश की अवसंरचना के विकास में भागीदारी और स्वामित्व की भावना भी पैदा होगी।

सरकार की मौद्रीकरण नीति के अनुरूप कदम

NHAI ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक इनविट के माध्यम से किया जा रहा यह मौद्रीकरण केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन के उद्देश्यों के अनुरूप है। इस नीति का मकसद पहले से चालू बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगी पूंजी का बेहतर उपयोग करना है, ताकि उससे नई परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाए जा सकें। इसके अलावा, बुनियादी ढांचा प्रबंधन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना भी इस योजना का अहम लक्ष्य है।

आगे और सड़कों के मौद्रीकरण की योजना

NHAI ने बताया कि यह प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी। अगले तीन से पांच वर्षों के भीतर प्राधिकरण की योजना आरआईआईटी को लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी और राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियां सौंपने की है। इससे न केवल सरकार को बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधन मिलेंगे, बल्कि देश में सड़क नेटवर्क के रखरखाव और विस्तार में भी तेजी आएगी।

बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौद्रीकरण मॉडल से सरकार और निजी क्षेत्र दोनों को फायदा होता है। सरकार को नई परियोजनाओं के लिए धन मिलता है, जबकि निवेशकों को सुरक्षित और नियमित आय का साधन। कुल मिलाकर, एनएचएआई का यह कदम भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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