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नई टैक्स रिजीम में नहीं हैं 80C-80D की छूट, लेकिन अब भी टैक्स बचाने के कई स्मार्ट विकल्प मौजूद

New Tax Regime: बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स रिबेट लिमिट ₹12 लाख कर दी गई है, जिससे वेतनभोगियों को बड़ी राहत मिली है। टैक्स कम और फाइलिंग आसान हो गई है। हालांकि सेक्शन 80C, 80D और HRA जैसे पुराने फायदे नहीं हैं, लेकिन टैक्स बचाने के कई स्मार्ट विकल्प अब भी उपलब्ध हैं।

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नए टैक्स रिजीम में कैसे टैक्स बचाएं (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

New Tax Regime: बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था में इनकम टैक्स रिबेट लिमिट ₹12 लाख तक बढ़ाई गई है, जिससे वेतनभोगियों को बड़ी राहत मिली है। पुराने नियमों के मुकाबले नए नियमों में कम टैक्स देना और टैक्स फाइलिंग में आसानी हुई है। हालांकि, नए नियमों में कुछ लोकप्रिय कटौतियां जैसे सेक्शन 80C, 80D और HRA अब लागू नहीं हैं, लेकिन टैक्स बचाने के कई विकल्प अभी भी मौजूद हैं।

NPS का लाभ उठाएं

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) नए टैक्स नियमों में भी एक प्रभावी टैक्स बचत विकल्प है। नियोक्ता की ओर से बेसिक सैलरी के 14% तक की योगदान पर टैक्स छूट मिलती है (सेक्शन 80CCD(2))। NPS से रिटायरमेंट के बाद 60% निकासी टैक्स-फ्री होती है, जिससे यह लंबी अवधि की निवेश योजना के लिए बेहतर विकल्प बन जाता है।

EPF योगदान बढ़ाएं

अधिकतर कर्मचारी EPF में न्यूनतम ₹1800 प्रति माह योगदान देते हैं, लेकिन आप अपने बेसिक सैलरी के 12% तक अधिक योगदान कर सकते हैं। नियोक्ता का योगदान भी टैक्स-फ्री रहता है, जिससे आपकी रिटायरमेंट बचत बढ़ती है। हालांकि, अपनी वित्तीय योजनाओं के हिसाब से ही योगदान बढ़ाएं।

परिवार के खातों में निवेश

यह एक विवादास्पद लेकिन तकनीकी रूप से वैध तरीका है। आप अपने गैर-आय वाले माता-पिता को गिफ्ट देकर उनका खाता इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे उनकी टैक्सेबल इनकम कम होती है और आप टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि इसे सावधानी से करना चाहिए, और सही दस्तावेजीकरण जरूरी है।

फिक्स्ड डिपॉजिट से आर्बिट्रेज फंड में स्विच करें

FD पर मिलने वाली आय हर साल टैक्सेबल होती है, जबकि आर्बिट्रेज फंड इक्विटी की तरह टैक्स योग्य होते हैं, यानी टैक्स केवल रिडेम्पशन के समय लगता है। इससे लंबी अवधि में रिटर्न बेहतर हो सकते हैं। साथ ही, कैपिटल गेन टैक्स बचाने के लिए गेन हार्वेस्टिंग की रणनीति अपनाई जा सकती है।

स्वतंत्र पेशेवरों के लिए अनुमानित टैक्स (Presumptive Tax)

स्व-रोजगार पेशेवर और फ्रीलांसर सेक्शन 44ADA के तहत अपने कुल राजस्व का 50% ही टैक्सेबल आय घोषित कर सकते हैं। इससे उनकी टैक्स देनदारी कम होती है और उन्हें विस्तृत लेखा-जोखा रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

नए टैक्स नियमों में कुछ कटौतियां अभी भी उपलब्ध

अगर आपका घर किराये पर है तो होम लोन पर ब्याज (सेक्शन 24(b)) का लाभ मिल सकता है। कुछ कार्य संबंधित खर्चे जैसे प्रोफेशनल ट्रेनिंग के खर्च भी कटौती योग्य हैं। ध्यान रखें कि टैक्स बचाने के लिए निवेश हमेशा आपकी वित्तीय योजनाओं और जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार करें। बिना प्लानिंग के केवल टैक्स बचाने के लिए निवेश करना सही नहीं है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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