नई दिल्ली। साल 2020 की शुरुआत में जब देश में कोविड-19 महामारी (Coronavirus) फैली थी, तह कई लोगों की नौकरी छूट गई थी और कई लोगों का कारोबार ठप हो गया था। बड़ी संख्या में लोग वित्तीय संकट से जूझ रहे थे। ऐसे में सरकार की ओर से प्रॉविडेंट फंड (PF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी स्कीम से पैसे निकालने के संबंध में कुछ दिशानिर्देशों और मानदंडों में बदलाव किया गया था, ताकि कठिन समय के दौरान लोगों को वित्तीय कठिनाइयों से निपटने में मदद मिल सके। एनपीएस ग्राहकों को दी गई राहत में से एक यह भी थी कि उन्हें सेल्फ- डेक्लेरेशन के माध्यम से अपने अकाउंट से आंशिक रूप से ऑनलाइन पैसे निकालने की अनुमति थी।
एनपीएस के नए नियम
आंशिक निकासी के लिए एनपीएस ग्राहकों को दस्तावेज जमा करने से छूट दी गई थी। हालांकि, अब देश में महामारी की स्थिति में सुधार आ गया है। ऐसे में पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एनपीएस डिपॉजिट से पैसे निकालने के संबंध में कुछ नियमों (NPS Rules) को बदलने का फैसला किया है।
NPS निकासी को लेकर पीएफआरडीए ने नया आदेश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार, सभी सरकारी संस्थाओं (केंद्र, राज्य और सेंट्रल ऑटोनॉमस निकाय) के सदस्य अब एनपीएस आंशिक निकासी के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं और इसे सिर्फ नोडल अधिकारी को जमा करना होगा।
नियामक ने एक सर्कुलर में कहा है कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन से जुड़ी दिक्कतें दूर होने के साथ ही इस मामले पर गौर किया गया है। सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि सरकारी सेक्टर के अंशधारकों के लिए अपने अनुरोध संबद्ध नोडल कार्यालयों के जरिए भेजना जरूरी होगा। आगे पीएफआरडीए ने यह भी कहा कि महामारी के चलते दी गई ढील से अंशधारकों को कोरोना काल और महामारी की रोकथाम के लिए लगाई गई पांबिदयों के दौरान काफी लाभ हुआ है।
