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सावधान! अब ड्राइविंग लाइसेंस में मिलेंगे ग्रेड्स, एक गलती और कट जाएंगे नंबर; रद्द भी हो सकता है लाइसेंस

New Grade-Based Driving License System: सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहन और हर दिन होते हादसों को रोकने के लिए सरकार अब तक का सबसे सख्त कदम उठाने जा रही है। अब आपका ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपका 'कैरेक्टर सर्टिफिकेट' भी होगा। सरकार जल्द ही देशभर में 'ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम' लागू करने की तैयारी में है।

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ड्राइविंग लाइसेंस में ’ग्रेडेड अंक प्रणाली’ लाए जाने की योजना (Photo: iStock)

New Grade-Based Driving License System: सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जिम्मेदारी से वाहन चलाने को बढ़ावा देने के लिए ’ग्रेड’ आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लागू करने की योजना बना रही है। इसके तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंक काटे जाएंगे और गंभीर या बार-बार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकेगा।

हर वर्ष सड़कों पर करीब 1.8 लाख लोगों की होती है मौत

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में हर वर्ष करीब 1.8 लाख लोगों की मौत मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने, तेज रफ्तार, गलत दिशा में जाने या नशे में गाड़ी चलाने जैसे कारणों से होती है।

ड्राइविंग लाइसेंस में ’ग्रेडेड अंक प्रणाली’ लाए जाने की योजना

राष्ट्रीय राजधानी में उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार सड़क सुरक्षा के लिए कई कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि सरकार पहले ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ा चुकी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा, "हम ड्राइविंग लाइसेंस में ’ग्रेडेड अंक प्रणाली’ ला रहे हैं।"

यातायात नियमों के उल्लंघन पर कटेंगे अंक

केंद्रीय मंत्री ने समझाते हुए कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुछ अंक काटे जाएंगे। अगर सभी अंक समाप्त हो जाते हैं तो दोषी का लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है या अपराध दोहराने पर रद्द भी किया जा सकता है। यह योजना जल्द ही शुरू की जाएगी।

भारत में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं

केंद्रीय गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। भारत में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में से 72 प्रतिशत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग हैं। 18 वर्ष से कम आयु के 10,119 लोगों की दुर्घटनाओं में जान गई। हेलमेट का इस्तेमाल न करने से 54,122, सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने से 14,466 जबकि तेज रफ्तार के कारण 1.2 लाख लोगों की जान गई। अन्य प्रमुख कारणों में गलत दिशा में व नशे में वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल शामिल हैं।

लोग दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें

केंद्रीय मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें और उपचार खर्च या कानूनी औपचारिकताओं की चिंता न करें। पीएम राहत योजना (रोड एक्सिडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए आपातकालीन सहायता प्रणाली उपलब्ध है। इस योजना के अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से सात दिन तक 1.5-1.5 लाख रुपए तक का नकद रहित (कैशलेस) उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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