New Government Health Rates: एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) ने घोषणा की है कि 15 दिसंबर से सभी अस्पतालों और लाभार्थियों के लिए नई CGHS पैकेज दरें लागू हो जाएंगी। यह आदेश रक्षा मंत्रालय ने 5 दिसंबर को जारी किया था। सभी संबद्ध अस्पतालों और लाभार्थियों को नई दरों, दस्तावेजों की जरुरत और नवीनीकरण से जुड़े नियमों के अनुसार खुद को तैयार करना होगा। इन संशोधित दरों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अक्टूबर में जारी किया था और अब इन्हें ECHS द्वारा भी अपनाया जा रहा है।
नई दरों का कब और कहां प्रभाव पड़ेगा?
15 दिसंबर से ECHS के सभी संबद्ध अस्पतालों में इलाज इन्हीं नई CGHS दरों पर होगा। इसके अलावा, लाभार्थियों द्वारा किए गए रीइम्बर्समेंट क्लेम पर भी अब यही नई दरें लागू होंगी। सर्विस पेंशनरों और अन्य अधिकृत कैटेगरी को पहले की तरह कैशलेस इलाज मिलता रहेगा। नई दरों की लिस्ट में सेमी-प्राइवेट वार्ड को आधार माना गया है और यह लिस्ट ECHS की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
दरें कैसे बदलेंगी?
नई दरों में कई कारकों के आधार पर अंतर रहेगा। अस्पताल की मान्यता के अनुसार NABH/NABL मान्यता प्राप्त अस्पतालों में दरें अधिक होंगी। गैर-मान्यता प्राप्त (Non-NABH/NABL) अस्पतालों पर कम admissible rate लागू होगा। अस्पताल के प्रकार के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में, उसी शहर की कैटेगरी में, सामान्य अस्पतालों की तुलना में ऊंची सीमा रहेगी। शहर की कैटेगरी (City Category) के अनुसार टियर–I शहरों में दरें सबसे अधिक होंगी। टियर–II और टियर–III शहरों में कम दरें लागू होंगी। पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में टियर–II दरों को अपनाया जाएगा। वार्ड की पात्रता के अनुसार नई सूची में सेमी-प्राइवेट वार्ड को आधार माना गया है। लेकिन ओपीडी कंसल्टेशन, जांच, रेडियोथेरेपी और डे-केयर प्रक्रियाओं पर मरीज की वार्ड पात्रता का असर नहीं पड़ेगा इनकी दरें सभी के लिए समान रहेंगी।
कैंसर इलाज से जुड़े नियम
कैंसर सर्जरी के लिए पुराने CGHS नियम ही लागू रहेंगे। नई दरें कीमोथेरेपी, जांच और रेडियोथेरेपी पर लागू होंगी। अगर किसी वजह से मरीज को गैर-एम्पैनल्ड प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है, तो रीइम्बर्समेंट केवल संबंधित शहर की Non-NABH दरों तक ही मिलेगा।
अस्पतालों के लिए MoA नवीनीकरण और अनिवार्य दस्तावेज
नई दरों के लागू होते ही सभी प्राइवेट संबद्ध अस्पतालों को अपना MoA (Memorandum of Agreement) पुनः नवीनीकृत कराना होगा। मौजूदा MoA 15 दिसंबर रात 12 बजे से स्वतः समाप्त हो जाएगा। अस्पतालों को ECHS के ऑनलाइन हॉस्पिटल एम्पैनलमेंट मॉड्यूल के माध्यम से नया MoA शुरू करना होगा। नई दरें लागू होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर नया MoA पूरा करना जरूरी है। अस्पतालों को 15 दिसंबर से पहले एक अंडरटेकिंग जमा करनी होगी कि वे नई दरों और नियमों को स्वीकार करते हैं। अगर कोई अस्पताल यह अंडरटेकिंग समय पर जमा नहीं करता, तो उसे डिपैनल्ड यानी लिस्ट से हटाया हुआ माना जाएगा।
लाभार्थियों को क्या बदलाव देखने को मिलेंगे?
15 दिसंबर से ECHS के सभी लाभार्थियों के लिए इलाज और रीइम्बर्समेंट के नियम नई CGHS दरों के अनुसार तय होंगे। कैशलेस सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। लेकिन अगर इलाज किसी गैर-एम्पैनल्ड निजी अस्पताल में होता है, तो दावा केवल Non-NABH दरों के आधार पर ही स्वीकार किया जाएगा। नई व्यवस्था से सभी अस्पतालों और मरीजों के लिए एक समान और स्पष्ट रेट सिस्टम लागू हो जाएगा, जिससे उपचार की लागत और दावों में एकरूपता आएगी।
