Nestle India Hikes Royalty Fee: कुछ महीने पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर के बोर्ड ने इसकी पैरेंट कंपनी यूनिलीवर को रॉयल्टी फीस पेमेंट में वृद्धि को मंजूरी दी थी। इसके बाद अब नेस्ले इंडिया ने भी ऐसा ही फैसला लिया है। मैगी बनाने वाली कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने रॉयल्टी पेमेंट में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब, नेस्ले इंडिया अपनी पैरेंट कंपनी Société des Produits Nestlé S.A. (लाइसेंसर) को पहले से अधिक जनरल लाइसेंस फीस का भुगतान करेगी। एफएमसीजी दिग्गज की रॉयल्टी फीस में 0.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
शुद्ध बिक्री का 5.25 फीसदी करेगी भुगतान
नेस्ले इंडिया शुद्ध बिक्री के 5.25 प्रतिशत तक की दर से पेमेंट करेगी और यह पांच सालों में क्रमबद्ध तरीके से दिया जाएगा। इसके बोर्ड ने कहा है कि ऑडिट समिति की सिफारिश पर, कंपनी ने नेस्ले एस.ए. को जनरल लाइसेंस फीस (रॉयल्टी) के भुगतान को मंजूरी दे दी, जो कि बेचे गए उत्पादों की शुद्ध बिक्री पर (टैक्स को छोड़कर) 5.25% से अधिक नहीं होगी।
कब से लागू होगी नई फीस
नेस्ले इंडिया की बढ़ी हुई रॉयल्टी फीस पेमेंट जुलाई 2024 से लागू होगी। इसकी मौजूदा लाइसेंस फीस 4.5 प्रतिशत प्रति वर्ष है। इस बीच प्रमुख एफएमसीजी ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ मैगी नूडल्स बेचकर 'अनुचित व्यापार व्यवहार' में शामिल होने का आरोप लगाने वाली केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी है।
सरकार ने कंपनी से 285 करोड़ रुपये का मुआवजा और 355.41 करोड़ रुपये का दंडात्मक हर्जाना मांगा था। केंद्र सरकार ने तर्क दिया था कि नेस्ले ने प्रॉफिट बढ़ाने के लिए लाखों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को जोखिम में डाला है।
