Emergency Fund Formula: अगर किसी व्यक्ति की अचानक नौकरी चली जाए तो सबसे बड़ी चिंता रोजमर्रा के खर्चों को लेकर होती है। नई नौकरी मिलने में कुछ हफ्ते या कई महीने लग सकते हैं। ऐसे समय में अगर पहले से इमरजेंसी फंड मौजूद हो, तो आर्थिक दबाव काफी कम किया जा सकता है। इसलिए नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि बैंक अकाउंट (Bank Account) और आसानी से निकाले जा सकने वाले निवेश में कितने महीनों का खर्च सुरक्षित रखना चाहिए।
कितने महीने का खर्च बचाकर रखें?
आमतौर पर कम से कम 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) रखना अच्छा माना जाता है। अगर आपकी नौकरी का सेक्टर अस्थिर है, परिवार में केवल आपकी कमाई है या नई नौकरी मिलने में ज्यादा समय लग सकता है, तो 9 से 12 महीने के खर्च का फंड रखना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। यह रकम आपकी पूरी सैलरी के बराबर होना जरूरी नहीं है। इमरजेंसी फंड की कैलकुलेट करते समय उन खर्चों को शामिल करें, जो नौकरी जाने के बाद भी जारी रहेंगे। इनमें घर का किराया या EMI, राशन, बिजली-पानी का बिल, मोबाइल और इंटरनेट, दवाइयां, बीमा प्रीमियम और जरूरी यात्रा खर्च शामिल हो सकते हैं।
कर्ज लेने की नहीं पड़ेगी जरूरत
मान लीजिए आपका जरूरी मासिक खर्च 30,000 रुपये है। अगर आप 6 महीने का इमरजेंसी फंड बनाना चाहते हैं, तो आपको करीब 1.80 लाख रुपये अलग रखने चाहिए। वहीं 9 महीने के लिए यह रकम 2.70 लाख रुपये और 12 महीने के लिए करीब 3.60 लाख रुपये होगी। अगर आपकी नौकरी चली जाती है, तो यह पैसा नई नौकरी मिलने तक जरूरी खर्चों को संभालने में मदद कर सकता है। इससे आपको जल्दबाजी में निवेश बेचने या कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ सकती है।
पैसा कहां रखें सुरक्षित
इमरजेंसी फंड का मुख्य उद्देश्य ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पैसा तुरंत उपलब्ध होना है। इसलिए इस रकम का बड़ा हिस्सा सेविंग अकाउंट, स्वीप FD या ऐसी सुरक्षित और आसानी से निकाली जा सकने वाली जगह पर रखा जा सकता है। पूरी रकम को ऐसे निवेश में रखना उचित नहीं है, जहां पैसे निकालने में समय लगे या बाजार गिरने पर नुकसान हो सकता है।
इमरजेंसी फंड कैसे बनाएं?
अगर अभी आपके पास पर्याप्त बचत नहीं है, तो हर महीने सैलरी आते ही एक निश्चित रकम अलग करना शुरू करें। बोनस, इंसेंटिव या अतिरिक्त आय का कुछ हिस्सा भी इसमें जोड़ा जा सकता है। पहले 3 महीने के खर्च का लक्ष्य बनाएं और फिर धीरे-धीरे इसे 6 से 12 महीने तक बढ़ाएं।
