Nationwide Bank Band Strike: देशभर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यह हड़ताल मुख्य रूप से बैंकों में 5 दिन का कार्य सप्ताह (Five day work week) लागू करने की मांग को लेकर की जा रही है। बैंक कर्मचारी संगठन कई वर्षों से इस मांग को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
लगातार 4 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना
अगर 27 जनवरी को हड़ताल होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लगातार 4 दिन तक कामकाज प्रभावित रह सकता है। इसकी वजह यह है कि 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण पहले से ही बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में ग्राहकों को कैश निकासी, चेक क्लियरेंस, शाखाओं से जुड़े काम और अन्य बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्राहकों को पहले ही दी गई सूचना
कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल की स्थिति में बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं। बैंकों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
सुलह बैठक बेनतीजा, हड़ताल का रास्ता चुना
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के 9 संगठनों के टॉप निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद मुख्य श्रम आयुक्त ने बुधवार और गुरुवार को सुलह बैठक बुलाई। इस बैठक में भारतीय बैंक संघ (आईबीए), विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। यूएफबीयू ने बताया कि सभी पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। सुलह प्रक्रिया के असफल रहने के बाद ही 27 जनवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।
अभी क्या है बैंक कर्मचारियों का कार्य समय
वर्तमान व्यवस्था के तहत बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। बाकी शनिवारों को बैंक खुले रहते हैं। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाए और बैंकों में भी पांच दिन का कार्य सप्ताह (Five day work week) लागू हो।
वेतन समझौते में बनी थी सहमति
मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ और यूएफबीयू के बीच सभी शनिवारों को अवकाश देने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अतिरिक्त काम करने को भी तैयार कर्मचारी
यूएफबीयू का कहना है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने से काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा। संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं, ताकि कुल कार्य समय बराबर रहे। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर संगठन ने नाराजगी जताई है।
अन्य संस्थानों का दिया उदाहरण
बैंक यूनियनों का तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एलआईसी, जीआईसी, शेयर बाजार और सरकारी कार्यालय पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन कर रहे हैं। ऐसे में बैंकों को इससे अलग रखना उचित नहीं है।
निजी बैंकों पर नहीं पड़ेगा असर
इस हड़ताल का असर मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर पड़ने की आशंका है। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों की शाखाओं के कामकाज पर इस हड़ताल का खास असर नहीं पड़ने की उम्मीद है।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
हड़ताल और छुट्टियों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते जरूरी बैंकिंग काम निपटा लें और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
