Mutual Fund Industry AUM: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की नेट एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) जनवरी 2024 में 52.74 लाख करोड़ रुपये से 3.41 प्रतिशत बढ़कर फरवरी 2024 में 54.54 लाख करोड़ रु की हो गई। वहीं फरवरी 2023 के मुकाबले इसमें 38.21 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो तब 39.46 लाख करोड़ रु थी। एयूएम किसी फंड या फंडों के ग्रुप द्वारा मैनेज किए जाने वाली पूरी निवेश राशि की मार्केट वैल्यू होती है। यानी निवेशकों का कुल इतना पैसा म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के पास है, जिसे इंडस्ट्री मैनेज कर रही है। फरवरी में इक्विटी फंडों में नेट इंफ्लो (आना वाला निवेश) 26,865.78 करोड़ रुपये रहा। इसमें बड़ा योगदान नए फंड्स की लॉन्चिंग का रहा, जिसमें भी सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों का अहम योगदान है। सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों में 11,262.72 करोड़ रुपये का इंफ्लो दर्ज किया गया।
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कितनी रही एवरेज एयूएम
फरवरी में एवरेज एयूएम 54,52,487.01 करोड़ रु रही, जो जनवरी 2024 के लिए 52,89,007.72 करोड़ रु रही थी। एम्फी (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2024 में रजिस्टर्ड नए एसआईपी की संख्या 49,79,431 रही।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की एयूएम
ये हैं बाकी जरूरी आंकड़े
- फरवरी में SIP AUM अब तक के सबसे अधिक 10,52,566.04 करोड़ रु पर पहुंच गई, जो जनवरी 2024 के लिए 10,26,996.23 करोड़ रु थी
- म्यूचुअल फंड फोलियो अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। फरवरी 2024 में ये 17,41,95,535 रहे
- रिटेल एमएफ फोलियो (इक्विटी + हाइब्रिड + सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम) भी 13,94,91,744 के ऑल-टाइम हाई पर हैं, जो जनवरी में 13,56,80,462 थे
- लगातार 36वें महीने इक्विटी फंड्स में शुद्ध निवेश आया। यानी निवेशकों ने जितना निकाला उससे अधिक लगाया
- रिटेल एयूएम (इक्विटी + हाइब्रिड + सॉल्यूशन ओरिएंटेड योजनाएं) 30,70,641 करोड़ रु रहीं, जिनका एवरेज एयूएम 30,72,840 करोड़ रु रहा
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड का डेटा दिया गया है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
