Reliance Industries Seeks Loan: अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज 3 बिलियन डॉलर (करीब 25457 करोड़ रु) तक के लोन के लिए बैंकों के साथ बातचीत कर रही है। दरअसल अगले साल इसका कुछ लोन ड्यू (देय) है, उसे रिफाइनेंस करने के लिए कंपनी को लोन की जरूरत है। इसी के लिए कंपनी बैंकों के साथ बातचीत कर रही है। लगभग आधा दर्जन बैंक भारतीय कंपनी के साथ लोन के लिए चर्चा कर रहे हैं, जिसे 2025 की पहली तिमाही में सिंडिकेट किया जाएगा।
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शर्तें नहीं हुई हैं तय
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस को जो लोन चाहिए उसकी शर्तों को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है और इसमें बदलाव हो सकते हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 2025 में लगभग 2.9 बिलियन डॉलर का लोन बकाया होगा, जिसमें ब्याज भुगतान भी शामिल है।
ऑफशोर मार्केट में वापसी
अगर लोन मिल जाता है, तो यह 2023 के बाद से रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऑफशोर मार्केट में वापसी होगी, जब समूह ने 8 बिलियन डॉलर से अधिक का लोन जुटाया था। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ये सुविधाएँ, जो पैरेंट कंपनी और इसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के लिए थीं, ने कुल मिलाकर लगभग 55 कर्जदाताओं को आकर्षित किया।
ऐसा इसलिए क्योंकि ये बैंक टॉप-टियर क्रेडिट्स की डील्स में शामिल होना चाहते थे।
भारतीय रु हो रहा कमजोर
रिलायंस की नये लोन की मांग भारतीय रुपये के लगातार कमजोर होने के बीच आई है, जो पिछले महीने शेयर बाजार में बिकवाली के कारण डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस समय भारत के सॉवरेन ग्रेड से एक पायदान ऊपर की रेटिंग दी गई है। यह एक दुर्लभ उदाहरण है जब किसी कंपनी की साख उस देश की साख से अधिक होती है जिसमें वह स्थित है।
