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मुकेश अंबानी ने Jio को अलग कर खेला बड़ा दांव, नए अवतार से जानें किनकी बढ़ गई धड़कन

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 20, 2023, 02:20 PM IST

Reliance Industries And Jio Financial Demerger Plan: ऐसी संभावना है कि रिलायंस फाइनेंशियल सर्विसेज अब आक्रामक तरीके से रिटेल कस्मटर को फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराएगी। और आने वाले समय में फिनटेक सेक्टर में नए तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे।। जिसका फायदा टेलिकॉम सेक्टर की तरह लोन लोने वाले ग्राहकों को मिल सकता है।

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jio financial services

Reliance Industries And Jio Financial Demerger Plan: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) का डीमर्जर पूरा हो गया है। अब दोनों कंपनियों के स्टॉक अलग-अलग लिस्ट होंगे। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन ने इस डीमर्जर से बड़ा दांव खेला है। अपनी फाइनेंशियल यूनिट जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को अलग पहचान देकर, मुकेश अंबानी अब फाइनेंशियल सेक्टर में तहलका मचाने की तैयारी में हैं। हालांकि अभी तक कंपनी ने अपने पूरा प्लान को सार्वजनिक नहीं किया है। लेकिन डीमर्जर से साफ है कि मुकेश अंबानी वह करने जा रहे हैं, जो चीन और अर्जेंटीना में कई दिग्गज कंपनियां कर चुकी हैं। और उनके इस नए अवतार से भारत में बजाज फिन सर्व, Paytm और डिजिटल लोन देने वाले ऐप की धड़कनें जरूर बढ़ गई होगी।

इन ग्राहकों पर नजर

रिलायंस फाइनेंशियल सर्विसेज अभी प्रमुख तौर पर बिजनेस-टू-बिजनेस सेगमेंट में फोकस कर रही थी। लेकिन अब ऐसी संभावना है कि वह आक्रामक तरीके से रिटेल कस्मटर को फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराएगी। और आने वाले समय में फिनटेक सेक्टर में नए तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे।। जिसका फायदा टेलिकॉम सेक्टर की तरह लोन लोने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। कैश रिच कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज जब पूरी तैयारी से फाइनेंशियल सेक्टर में उतरेगी, तो जाहिर है कि वह बड़े प्लान को अमल में लाएगी। और इसके लिए उसे पैसों की किल्लत नहीं होने वाली। और यहां पर उसकी टक्कर बजाज फाइनेंस और Paytm जैसी कंपनियों से होगी। इस समय एनबीएफसी सेक्टर की दिग्गज कंपनी बजाज फाइनेंस की नेटवर्थ करीब 44,000 करोड़ रुपये है। वहीं इसके मुकाबले जियो फाइनेंशियल की नेटवर्थ करीब 1,50,000 करोड़ रुपये होगी।

2015 से अंबानी कर रहे हैं तैयारी

आज जो डीमर्जर हुआ है, उसकी नींव आज से 8 साल पहले तैयार हो चुकी है। साल 2015 में जियो को पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिला था। इसके बाद कंपनी ने साल 2019 में बिजनेस-टू-बिजनेस के लिए प्वाइंट ऑफ सेल्स टर्मिलन लांच किए। फिर 2020 में कंपनी ने MyJio app से यूपीआई पेमेंट शुरू किया। इसके अलावा ऑफ लाइन रिटेलर्स के लिए WhatsApp पेमेंट की भी तैयारी शुरू कर दी । साफ है कि फाइनेंशियल सेक्टर में सभी तरह के ग्राहकों को अपने साथ जोड़ने के लिए मुकेश अंबानी ने पूरी तैयारी कर ली है।

डाटा करेगा कमाल

मुकेश अंबानी को सबसे बड़ा फायदा यूजर बेस का मिलेगा। असल में जिस तरह रिलायंस जियो के पास शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों कर टेलिकॉम यूजर्स हैं। और वह जियो के जरिए इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उससे जियो के पास एक बड़ा यूजर बेस तैयार हो गया है। और इन ग्राहकों को आसानी से कर्ज मिलें, इसके लिए अंबानी बड़ा दांव खेल सकते हैं। क्योंकि उनके पास सभी यूजर का डाटा है, ऐसे में वह ग्राहकों की जरूरत के अनुसार नए फाइनेंशियल प्रोडक्ट लांच कर सकते हैं, जो उनकी जरूरतें पूरी कर सकें। मुकेश अंबानी का पूरा प्लान क्या है इसका खुलासा होने में अब ज्यादा देर नही है। बस थोड़ा सब्र करिए..

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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