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छोटे उद्यमियों का बड़ा सहारा! मुद्रा योजना से बढ़ेगा विकसित भारत का मान; वित्त मंत्री ने बताया कामयाबी का रोडमैप

वित्त मंत्री ने मुद्रा योजना को देश के विकास का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उद्यमियों को 'विकसित भारत' के संकल्प में सक्रिय भागीदार बनाने का एक सशक्त जरिया है।

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FM Nirmala Sitharaman (X handle/@nsitharamanoffc)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऐसे लोगों को वित्त उपलब्ध करवाने पर केंद्रित है, जिन्हें ऋण नहीं मिला है। यह योजना उद्यमियों को सशक्त बनाना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों की 2047 तक राष्ट्र को ’विकसित भारत’ बनाने की यात्रा में सक्रिय भागीदारी होगी।

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने एक मौन बदलाव देखा है, जहां करोड़ों आम नागरिक नए आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आए हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इसके केंद्र में 8 अप्रैल, 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई पहल पीएमएमवाई है, जिसका उद्देश्य ही ’जिन्हें ऋण नहीं मिला, उन्हें वित्त उपलब्ध कराना’ था।

भारत में उद्यम की भावना हुई मजबूत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने के आत्मविश्वास और उन्हें पूरा करने के साधनों से सशक्त बनाकर ऋण तक पहुंच को फिर से परिभाषित किया है। बाधाओं को दूर कर और हमारे लोगों की आकांक्षाओं पर भरोसा कर, इसने पूरे भारत में उद्यम की भावना को मजबूत किया है।’’

उद्यमिता का वास्तव में हुआ लोकतंत्रीकरण

वित्त मंत्री ने कहा, "11 साल बाद, यह योजना देश में एमएसएमई और अनगिनत व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए ऋण परिदृश्य को नया आकार देने में सहायक रही है। ये वे उद्यमी थे जो अब तक औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे। इस पहल के साथ, ऋण की बाधाओं को दूर कर उद्यमिता का वास्तव में लोकतंत्रीकरण हुआ है।’’

57.79 करोड़ से अधिक ऋण हुए स्वीकृत

लाखों लोगों को सशक्त बनाने और समावेशी विकास के दृष्टिकोण को पूरा करने में पीएमएमवाई की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 57.79 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिसके तहत 40.07 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।

नए उद्यमियों को 12 लाख करोड़ रुपये के 12.15 करोड़ ऋण दिए गए

उन्होंने कहा, "दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों को स्वीकृत किए गए हैं। कुल कर्ज का लगभग पांचवां हिस्सा पहली बार उद्यमी बनने वाले व्यक्तियों को दिया गया। संख्या के हिसाब से देखें तो नए उद्यमियों को 12 लाख करोड़ रुपये की राशि के 12.15 करोड़ ऋण दिए गए हैं।"

फाइनेंशियल इंक्लूजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक

वित्त मंत्री ने इस योजना को आम आदमी तक पहुंचाने और इसे बड़ी सफलता बनाने के लिए बैंकों, विभिन्न वित्तीय संस्थानों और हितधारकों की भी सराहना की। इस अवसर पर वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि फाइनेंशियल इंक्लूजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है, क्योंकि यह समावेशी विकास हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीएमएमवाई छोटे उद्यमियों को बैंकों, एनबीएफसी और एमएफआई से ऋण सहायता पाने के लिए एक मंच देता है। उन्होंने कहा, "इसने समाज के वंचित वर्गों सहित देश भर में स्वरोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (कुल लाभार्थियों का 51 प्रतिशत) और महिलाएं (कुल लाभार्थियों का 67 प्रतिशत) शामिल हैं।"

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Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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