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ज्यादातर तेल-तिलहन की कीमतें हुईं कम, जानें सरसों से लेकर सोयाबीन का नया भाव

Oilseeds Prices: मंडियों में सरसों की आवक कम रहने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया जबकि विदेशों में सुधार एवं इस वर्ष सोयाबीन का उत्पादन घटने के कयासों के बीच सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में मजबूत रहे। नए दाम आप नीचे देख सकते हैं।

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Photo : iStock

Oilseeds Prices: विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच देश के तेल- तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल- तिलहनों के दाम मजबूत बंद हुए तथा सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती के बावजूद बाजार में सामान्य घट-बढ़ के तहत कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेज तथा ऊंचे दाम पर कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए। शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख है।

सरसों की कीमत में आया सुधार

बाजार सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक कम रहने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया जबकि विदेशों में सुधार एवं इस वर्ष सोयाबीन का उत्पादन घटने के कयासों के बीच सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में मजबूत रहे। बिनौला के माल की नगण्यता के बीच बिनौला तेल के दाम में सुधार आया।

जानें क्या है तेल-तिहलन का नया भाव

तेल- तिलहनकीमत
सरसों तिलहन 5,975-6,035 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली6,100-6,375 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) 14,600 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,210-2,510 रुपये प्रति टिन
सरसों तेल दादरी11,450 रुपये प्रति क्विंटल
सरसों पक्की घानी1,860-1,960 रुपये प्रति टिन
सरसों कच्ची घानी1,860-1,985 रुपये प्रति टिन
तिल तेल मिल डिलिवरी 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली10,400 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर10,250 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला 8,825 रुपये प्रति क्विंटल
सीपीओ एक्स-कांडला8,675 रुपये प्रति क्विंटल
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)10,300 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली9,775 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन एक्स- कांडला8,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल
सोयाबीन दाना4,680-4,700 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन लूज4,490-4,610 रुपये प्रति क्विंटल
मक्का खल (सरिस्का)4,075 रुपये प्रति क्विंटल

घट सकता है खरीफ तिलहन का उत्पादन

सूत्रों ने कहा कि सरकार को कुछेक फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की गारंटी देने के बजाय सभी देशी तिलहन के खरीद की गारंटी देनी चाहिये तभी किसानों को भरोसा बढ़ेगा। अन्यथा खरीफ तिलहन उत्पादन घट सकता है। सरकार को कोई भी फैसला जल्द से जल्द करना चाहिये क्योंकि जुलाई में खरीफ तिलहन की बुवाई खत्म होने के बाद फैसला करना बेमतलब हो जायेगा। अब कुछेक प्रमुख तेल संगठनों ने भी देशी बाजार के हित में आयातित तेलों पर शुल्क बढ़ाने की मांग की है। इस ओर गंभीरता से विचार करना जरूरी होगा।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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