जल्द ही दुनिया के टॉप 100 में धूम मचाएंगे भारत के कई बैंक: RBI गवर्नर (तस्वीर-istock)
Indian Banks Growth : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर जिस तेज गति से बढ़ रहे हैं, उससे आने वाले समय में भारत के और अधिक बैंक दुनिया के टॉप 100 बैंकों की लिस्ट में जगह बनाएंगे। यह बयान उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स में वी के आर वी राव स्मृति व्याख्यान के बाद छात्रों से बातचीत करते हुए दिया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि देश में सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में कई बैंक तेजी से विस्तार कर रहे हैं। उनकी नजर में यह सिर्फ समय की बात है कि आने वाले कुछ वर्षों में कई भारतीय बैंक वैश्विक स्तर पर टॉप 100 की लिस्ट में शामिल होंगे। अभी तक इस लिस्ट में सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं, जिनकी रैंक क्रमशः 43 और 73 है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई तय नहीं कर सकता कि किन बैंकों को वैश्विक लिस्ट में होना चाहिए। यह उनकी क्षमता, आकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मजबूती पर निर्भर करता है। लेकिन जिस तरह भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और बैंकिंग सेक्टर मजबूत हो रहा है, उससे उम्मीद बढ़ रही है कि भारत के कई बैंक जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े बैंकों के समूह का हिस्सा बनेंगे।
इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कह चुकी हैं कि भारत को बड़े और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले बैंकों की जरुरत है। उन्होंने कहा था कि इस दिशा में सरकार, आरबीआई और अन्य वित्तीय संस्थान लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नए बड़े बैंक बनाने का तरीका सिर्फ नए बैंक खोलना नहीं हो सकता। इसके लिए मौजूदा बैंकों के विलय का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। भारत में बैंकिंग सेक्टर के विकास के लिए अनुकूल वातावरण पहले से मौजूद है, लेकिन इसे और अधिक गतिशील और मजबूत बनाने की आवश्यकता है, ताकि भारतीय बैंक वैश्विक मंच पर बड़ी भूमिका निभा सकें।
आरबीआई गवर्नर के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से साफ है कि देश के बैंक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान तेजी से बढ़ा रहे हैं। डिजिटल लेनदेन, वित्तीय समावेशन और मजबूत नियामक ढांचे ने भारतीय बैंकिंग व्यवस्था को दुनिया में एक भरोसेमंद मॉडल के रूप में स्थापित किया है। आने वाले वर्षों में भारत के और भी बैंक वैश्विक लिस्ट में शामिल होंगे। यह उम्मीद अब और मजबूत हो चुकी है।