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हरियाणा में मजदूरों का बढ़ गया न्यूनतम वेतन, अब हर महीने मिलेंगे कम से कम इतने हजार

नोएडा में आज वेतन बढ़ाने को लेकर मजदूरों ने व्यापक प्रदर्शन किया। मजदूरों का कहना है कि वेतन काफी कम है और महंगाई तेजी से बढ़ी है। इससे गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है।

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हरियाणा में बढ़ी सैलरी

नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को हो रहे प्रदर्शन के बीच हरियाणा सरकार ने मजदूरों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नया वेतनमान 1 अप्रैल, 2026 से लागू माना जाएगा। हरियाणा सरकार की एक अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन 'मजदूरी संहिता, 2019' के प्रावधानों के तहत किया गया है। नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि न्यूनतम मज़दूरी के रेट, न्यूनतम मजदूरी के बेसिक रेट हैं, जिन्हें एम्प्लॉयर द्वारा अलाउंस के रूप में अलग-अलग हिस्सों में बांटने की इजाजत नहीं है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स नंबर में होने वाली बढ़ोतरी या कमी का 100% न्यूट्रलाइजेशन प्रो-राटा आधार पर किया जाएगा। मज़दूरी में यह एडजस्टमेंट 'कोड ऑन वेजेस रूल्स, 2026' में बताए गए तरीके से किया जाएगा।"

हरियाणा में न्यूनतम वेतन

अधिसूचना के अनुसार, न्यूनतम वेतन कौशल स्तरों के आधार पर तय किया गया है। नई मासिक और दैनिक वेतन दरें इस प्रकार हैं: संशोधित वेतन संरचना के तहत, हरियाणा में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 15,220.71 रुपये प्रति माह का वेतन मिलेगा। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए, न्यूनतम वेतन 16,780.74 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। कुशल श्रमिकों को कम से कम 18,500.81 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

श्रेणी (Worker Category)मासिक न्यूनतम वेतन (₹)दैनिक न्यूनतम वेतन (₹)
अकुशल (Unskilled)15,220.71585.41
अर्ध-कुशल (Semi-skilled)16,780.74645.41
कुशल (Skilled)18,500.81711.56
अति-कुशल (Highly Skilled)19,425.85747.14
ये दरें उन कर्मचारियों पर लागू होंगी जो वेतन कानून के दायरे में आने वाले संस्थानों, फैक्टरियों और ठेका मजदूरी व्यवस्थाओं में काम करते हैं। अधिसूचना में साफ तौर पर कहा गया है कि पुरुष और महिला कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन में कोई अंतर नहीं होगा। नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही श्रेणी के काम के लिए, जिसमें समान कौशल और अनुभव की आवश्यकता होती है, सभी को बराबर वेतन मिले।
Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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