कमोडिटी बाजार में 13 फरवरी की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, जहां चांदी और सोने में तेजी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि कॉपर समेत कुछ बेस मेटल्स में भी खरीदारी लौटी। हालांकि नैचुरल गैस में कमजोरी बनी रही, जिससे एनर्जी सेगमेंट दबाव में दिखा।
बुलियन में तेजी से बाजार को सहारा
13 फरवरी की सुबह MCX पर कमोडिटी बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां बुलियन सेगमेंट ने बाजार को मजबूती दी। सिल्वर फ्यूचर्स करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि गोल्ड और उसके अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट्स में भी 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इससे पिछले सत्र की हल्की कमजोरी के बाद निवेशकों की वापसी का संकेत मिला।

MCX Heatmap 13 Feb
चांदी रही सबसे बड़ी गेनर
सिल्वर के मार्च कॉन्ट्रैक्ट में करीब 2% से ज्यादा तेजी दर्ज हुई, जबकि सिल्वर मिनी और माइक्रो कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 1.8% की मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता और घरेलू निवेशकों की नई खरीदारी से चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। हाल के उतार-चढ़ाव के बाद बुलियन में रिकवरी का रुख साफ नजर आया।
बेस मेटल्स में भी खरीदारी लौटी
बेस मेटल्स सेगमेंट में भी कारोबार सकारात्मक रहा। कॉपर में 1% से अधिक की मजबूती दर्ज हुई, जबकि एल्यूमिनियम और जिंक में हल्की बढ़त देखने को मिली। औद्योगिक मांग के बेहतर संकेतों और ग्लोबल बाजार से सपोर्ट मिलने के कारण बेस मेटल्स में खरीदारी लौटती दिख रही है। हालांकि निकल में हल्की कमजोरी बनी रही, जिससे इस धातु में अभी दबाव बना हुआ है।
एनर्जी सेगमेंट मिला-जुला, गैस दबाव में
एनर्जी सेगमेंट में तस्वीर मिश्रित रही। कच्चे तेल में हल्की बढ़त दिखी, लेकिन नैचुरल गैस कॉन्ट्रैक्ट्स में गिरावट जारी रही। नैचुरल गैस लगभग 1.3% नीचे कारोबार करता दिखा, जिससे यह दिन का प्रमुख लूजर रहा। सप्लाई और मांग के समीकरणों में बदलाव के कारण गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
स्पॉट बाजार में भी तेजी के संकेत
स्पॉट मार्केट डेटा के अनुसार, कॉपर, एल्यूमिनियम और गोल्ड की कीमतों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। अहमदाबाद और मुंबई बाजारों में सोने के अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट्स ऊंचे स्तर पर बने रहे, जबकि कॉपर और एल्यूमिनियम के भावों में भी सुधार दर्ज हुआ।
डेरिवेटिव्स कारोबार में बढ़ी सक्रियता
MCX के आंकड़ों के अनुसार, सुबह के सत्र में फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स में अच्छी ट्रेडिंग गतिविधि देखने को मिली। कुल मिलाकर 1.22 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार सहभागिता मजबूत बनी हुई है। कुल मिलाकर, 13 फरवरी की शुरुआत में बुलियन और बेस मेटल्स में आई मजबूती ने कमोडिटी बाजार को सहारा दिया, हालांकि नैचुरल गैस में कमजोरी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और डॉलर की चाल बाजार की दिशा तय करेंगे।
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