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Gaur Green Avenue जैसी आग से राख न हो जाए आपका फ्लैट, सुई से सोफे तक का ऐसे मिलेगा क्लेम

क्या हेल्थ इंश्योरेंस की तरह आप अपने फ्लैट का इंश्योरेंस भी करवा सकते है? हाल ही में Gaur Green Avenue की घटना ने हर फ्लैट मालिक के मन में एक ही सवाल खड़ा कर दिया है इस भारी नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

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हाई-राइज सोसायटियों में रहने का सपना उस वक्त एक डरावनी हकीकत में बदल जाता है जब आग जैसी कोई अनहोनी दस्तक देती है। हाल ही में Gaur Green Avenue की घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहां चंद मिनटों की लपटों ने न केवल सपनों के आशियाने को राख कर दिया, बल्कि कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। सोफे से लेकर रसोई के सामान तक, सालों की मेहनत से जोड़ी गई एक-एक चीज मिट्टी में मिल गई। ऐसे में हर फ्लैट मालिक के मन में एक ही सवाल है इस भारी नुकसान की भरपाई कौन करेगा? क्या सोसाइटी की RWA की जिम्मेदारी सिर्फ दीवारों तक सीमित है? जानिए क्यों 'होम इंश्योरेंस' (Home Insurance) ही वह इकलौता रास्ता है जो आपकी मेहनत की कमाई को खाक होने से बचा सकता है।

आरडब्ल्यूए (RWA) का बीमा

ज्यादातर फ्लैट मालिकों को लगता है कि उनकी सोसाइटी का बीमा पहले से ही है, तो उन्हें अलग से पॉलिसी की जरूरत नहीं। यहां एक बड़ी गलतफहमी है जिसे दूर करना जरूरी है। आमतौर पर आरडब्ल्यूए पूरी सोसाइटी की 'बिल्डिंग' का बीमा कराती है, जिसमें स्ट्रक्चर, लिफ्ट और कॉमन एरिया शामिल होते हैं। अगर आग लगती है, तो सोसाइटी का बीमा सिर्फ दीवारों या बिल्डिंग के ढांचे की मरम्मत का खर्च देगा। आपके फ्लैट के अंदर रखा सामान, जैसे आपका महंगा फर्नीचर, गैजेट्स, गहने और अन्य घरेलू सामान उस पॉलिसी में कवर नहीं होते। इसके लिए आपको व्यक्तिगत तौर पर 'होम कंटेंट इंश्योरेंस' (Home Content Insurance) लेना अनिवार्य है।

सुई से लेकर सोफे तक का क्लेम

होम इंश्योरेंस की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह आपको 'कॉम्प्रिहेंसिव कवर' (Comprehensive Cover) प्रदान करता है। इसका मतलब है कि अगर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से आग लगती है, तो आप घर के ढांचे के साथ-साथ उसके अंदर मौजूद हर छोटी-बड़ी चीज का क्लेम कर सकते हैं। इसमें आपके इलेक्ट्रॉनिक्स (एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन), लकड़ी का काम (वार्डरोब, सोफा सेट, बेड), और यहाँ तक कि आपके कीमती कपड़ों और बर्तनों तक की भरपाई शामिल होती है। सही पॉलिसी होने पर बीमा कंपनी सर्वे के बाद आपके नुकसान का आकलन करती है और आपको नया सामान खरीदने या मरम्मत कराने के लिए आर्थिक सहायता देती है।

प्रीमियम का बोझ और कवरेज के फायदे

कई लोग भारी प्रीमियम के डर से घर का बीमा नहीं कराते, जबकि हकीकत इसके उलट है। होम इंश्योरेंस का प्रीमियम कार इंश्योरेंस की तुलना में काफी कम होता है। उदाहरण के तौर पर, 50 लाख रुपये के घर और उसके सामान का बीमा आप साल भर के लिए महज 2,000 से 5,000 रुपये के बीच करा सकते हैं। यह खर्च महीने के एक पिज्जा की कीमत से भी कम है, लेकिन यह आपको लाखों रुपये के जोखिम से बेफिक्र कर देता है। इसके अलावा, ये पॉलिसियां न केवल आग, बल्कि भूकंप, बाढ़, तूफान और चोरी जैसी स्थितियों में भी सुरक्षा प्रदान करती हैं।

क्लेम पाने की प्रक्रिया

आग जैसी घटना होने पर क्लेम पाने के लिए कुछ कागजी कार्रवाई बहुत जरूरी होती है। सबसे पहले अग्निशमन विभाग (Fire Department) की रिपोर्ट और पुलिस की एफआईआर (FIR) की कॉपी लें। घटना के तुरंत बाद बीमा कंपनी को सूचित करें और सर्वेक्षक (Surveyor) के आने तक प्रभावित सामान को बहुत ज्यादा न हिलाएं। अगर संभव हो, तो नुकसान की तस्वीरें और वीडियो बना लें। अपनी पॉलिसी लेते समय हमेशा 'रीइंस्टेटमेंट वैल्यू' (Reinstatement Value) का विकल्प चुनें, ताकि आपको पुराने सामान की घिसाई (Depreciation) काटकर नहीं, बल्कि नया सामान खरीदने जितनी रकम मिल सके।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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