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Pakistan Energy Crisis: पाकिस्तान में अब रात 8 बजे के बाद नहीं खुलेंगे मॉल और बाजार, कंगाल पाकिस्तान का नया संकट

Pakistan Energy Crisis: ​​ पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने अब आम जनता की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन और जरूरी चीजों पर दिखने लगा है।

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Pakistan Energy Crisis: पड़ोसी देश पाकिस्तान (pakistan) इस समय भीषण आर्थिक संकट और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा है। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के कारण पैदा हुए तेल संकट ने पाकिस्तान में भारी उथल-पुथल मचा दी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार ने एक तरह से नागरिकों को रात 8 बजे ही सोने की सलाह दे दी है। ईंधन और गैस बचाने के उद्देश्य से, पाकिस्तान सरकार ने 7 अप्रैल से देशभर के अधिकांश हिस्सों में बाजारों और शॉपिंग मॉल्स को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए उठाया गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने अब आम जनता की कमर तोड़ दी है। विशेष रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन और रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर दिखने लगा है।

हालत यह है कि बस किरायों में भारी उछाल आया है और खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी बीच, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार ने देशभर में बाजारों और मॉल्स को रात 8 बजे तक बंद करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है, जिससे कारोबारियों और आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

परिवहन और माल ढुलाई में भारी उछाल

पंजाब के 38 जिलों में किए गए एक हालिया सर्वे के डरावने आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इंटरसिटी बस किरायों में 30% तक का इजाफा हुआ है। माल ढुलाई (Logistics) की बात करें तो किराए में 32% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटे ट्रकों के किराए में जहाँ 12% से 50% की वृद्धि हुई है, वहीं बड़े ट्रेलरों के किराए में कुछ इलाकों में 13% से लेकर 100% तक की भारी उछाल देखी गई है। कोट अद्दू जैसे इलाकों में ट्रेलर का किराया दोगुना हो गया है, जबकि झंग, पाकपट्टन और रावलपिंडी जैसे शहरों में भी किराए 40% से 50% तक बढ़ गए हैं।

यात्रियों की संख्या में गिरावट और परिवहन पर असर

बढ़ते किरायों का असर अब लोगों की आवाजाही पर भी पड़ने लगा है। कई जिलों में बस यात्रियों की संख्या में 10% से लेकर 63% तक की बड़ी गिरावट आई है। हाफिजाबाद जैसे इलाकों में यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा कम हुई है। इसके अलावा, बस संचालन में भी कमी देखी जा रही है, जिसका मतलब है कि सड़कों पर बसें कम चल रही हैं। मुरी और हाफिजाबाद में बस संचालन 71% तक घट गया है, जिससे आम मुसाफिरों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। परिवहन महंगा होने से लोगों ने गैर-जरूरी यात्राएं बंद कर दी हैं, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर पड़ रहा है।

Pakistan Petrol Diesel Crisis

Pakistan Petrol Diesel Crisis

खाने-पीने की चीजों पर महंगाई की मार

ईंधन की कीमतों ने केवल सफर ही नहीं, बल्कि थाली को भी महंगा कर दिया है। सर्वे के अनुसार, जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में औसतन 25% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि बाजार में सामान की आपूर्ति (Supply) फिलहाल सामान्य है। सबसे ज्यादा असर सब्जियों पर पड़ा है, जहाँ लैय्या जैसे जिलों में टमाटर की कीमतों में 125% तक का उछाल देखा गया है। आटे की कीमतें फिलहाल स्थिर बताई जा रही हैं, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण आने वाले दिनों में अनाज की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

रात 8 बजे बाजार बंद

बढ़ती महंगाई के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार अब ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से भी जूझ रही है। बिजली बचाने के लिए सरकार ने एक नया 'एनर्जी कंजर्वेशन प्लान' लागू किया है। इसके तहत सिंध प्रांत को छोड़कर पूरे देश में सभी बाजारों, मॉल्स और शॉपिंग एरिया को रात 8 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, सभी रेस्टोरेंट्स और मैरिज हॉल्स (शादी घर) को रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा। केवल मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसी को ही इस नियम से छूट दी गई है, ताकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। सरकार का मानना है कि इस कदम से बिजली की खपत कम होगी और देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ थोड़ा कम होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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