Income Tax : टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी बिहार और झारखंड में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने करीब 20 हजार करोड़ रुपये का टैक्स संग्रह किया है। इनकम टैक्स विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने गुरुवार (7 मई 2026) को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार, दोनों राज्यों में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत इनकम टैक्स देने वालों में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सबसे ऊपर रहे। हालांकि अधिकारियों ने उनके द्वारा जमा किए गए टैक्स की सही राशि सार्वजनिक नहीं की।
झारखंड से आया सबसे ज्यादा टैक्स
बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य इनकम टैक्स कमिश्नर Dr D Sudhakara Rao ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुल 20 हजार करोड़ रुपये के संग्रह में से करीब 12 हजार करोड़ रुपये सिर्फ झारखंड से प्राप्त हुए। यानी कुल टैक्स संग्रह में झारखंड की हिस्सेदारी काफी ज्यादा रही। उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़ी कंपनियों और खनन उद्योगों की मौजूदगी के कारण यहां से अधिक राजस्व मिलता है। राव ने बताया कि कुल टैक्स संग्रह का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स के जरिए आया। इसका मतलब है कि लोगों की आय से पहले ही टैक्स काटकर सरकार के खाते में जमा किया गया। उन्होंने कहा कि टीडीएस व्यवस्था टैक्स संग्रह को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
एमएस धोनी बने सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सदाता
इनकम टैक्स विभाग के अनुसार, बिहार और झारखंड को मिलाकर पूर्व क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सदाता रहे। धोनी लंबे समय से झारखंड के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हैं और कई बड़े ब्रांडों से जुड़े होने के साथ-साथ विभिन्न कारोबारों में भी सक्रिय हैं। विभाग ने हालांकि यह नहीं बताया कि उन्होंने कुल कितना टैक्स जमा किया। धोनी का नाम सामने आने के बाद खेल और व्यापार जगत में भी इस खबर की चर्चा हो रही है। झारखंड के लोगों के लिए यह गर्व की बात मानी जा रही है कि राज्य का एक खिलाड़ी टैक्स भुगतान में भी सबसे आगे है।
बड़ी कंपनियों का भी बड़ा योगदान
कॉरपोरेट टैक्सदाताओं की बात करें तो Central Coalfields Limited, Bharat Coking Coal Limited और CMPDI सबसे बड़े टैक्सदाताओं में शामिल रहे। ये सभी कंपनियां कोयला और खनन क्षेत्र से जुड़ी हैं और झारखंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारी बारिश के कारण खनन गतिविधियां कुछ प्रभावित हुई थीं। इसका असर उत्पादन और टैक्स संग्रह दोनों पर पड़ा। इसके बावजूद विभाग करीब 20 हजार करोड़ रुपये का टैक्स जुटाने में सफल रहा।
इस साल और ज्यादा टैक्स संग्रह की उम्मीद
प्रधान मुख्य इनकम टैक्स कमिश्नर डॉ. राव ने कहा कि विभाग को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में टैक्स संग्रह 20 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी और बेहतर अनुपालन के कारण संग्रह में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार और झारखंड में करीब 5.5 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं, लेकिन इनमें से केवल 40 लाख लोग ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। विभाग का मानना है कि अभी भी बड़ी संख्या में लोग टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।
नया इनकम टैक्स कानून 2025 लागू होगा
डॉ. राव ने बताया कि उन्होंने आयकर अधिकारियों के साथ नए आयकर कानून 2025 को लेकर एक बैठक भी की। यह नया कानून 1 अप्रैल से लागू होगा और छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। बैठक में बिहार और झारखंड के 100 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि नए कानून का उद्देश्य टैक्स नियमों को आसान और स्पष्ट बनाना है। इसमें सरल भाषा, व्यवस्थित ढांचा और आम लोगों के लिए समझने में आसान प्रस्तुति पर जोर दिया गया है। हालांकि टैक्स नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
लोगों को जागरूक करेगा विभाग
आयकर विभाग अब बिहार और झारखंड में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य संस्थानों को नए आयकर कानून की जानकारी दी जाएगी। विभाग चाहता है कि लोग नए नियमों को अच्छी तरह समझें और समय पर टैक्स रिटर्न दाखिल करें। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता बढ़ने से टैक्स संग्रह में सुधार होगा और ज्यादा लोग टैक्स व्यवस्था से जुड़ेंगे।
