बिजनेस

LPG Price: 1 नवंबर से सस्ता हुआ गैस सिलेंडर, चेक करें अपने शहर का ताजा भाव

देश की राजधानी दिल्ली से लेकर चेन्नई तक, देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट जारी हो गए हैं। हर महीने की तरह इस बार भी महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियों ने कीमतों में बदलाव किया है। अब देखते हैं कि चारों बड़े महानगरों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कितने तय किए गए हैं।

Image

LPG Rate Cut

LPG Price Today: नवंबर की शुरुआत के साथ ही एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इंडियन ऑयल ने 1 नवंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटा दिए हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए घर की रसोई के बजट में फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम अप्रैल 2025 से लगातार स्थिर हैं।

सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 4.5 रुपये से 6.5 रुपये तक घटा दी है, जो 1 नवंबर 2025 से लागू हो गई है। इससे रेस्टोरेंट, होटल और छोटे बिजनेस को थोड़ी राहत मिलेगी।

क्यों घटीं कीमतें?

अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने रूसी तेल और गैस कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भारत को ज्यादा तेल और गैस मिडिल ईस्ट और अमेरिकी कंपनियों से खरीदना पड़ रहा है। इसी वजह से कीमतों पर असर दिख रहा है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम बढ़े हैं और डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू कमजोर हुई है। यही कारण है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब आपको बताते हैं कि देश के चारों बड़े शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के क्या रेट हैं।

किस शहर में कितना है कमर्शियल सिलेंडर का रेट

नई कीमतों के अनुसार अब दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 1,590.5 रुपये, मुंबई में 1,542 रुपये, कोलकाता में 1,694 रुपये और चेन्नई में 1,750 रुपये में मिलेगा। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर पहले की तरह ही रहेगा—दिल्ली में 853 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये।

आप कैसे ले सकते हैं नया कनेक्शन

अगर आप नया LPG कनेक्शन लेना चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन या नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आईडी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ जमा करने के बाद वेरिफिकेशन किया जाएगा और फिर सिलेंडर और अन्य सामग्री की डिलीवरी की जाएगी। किराए पर रहने वालों को मकान मालिक का नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी देना पड़ सकता है। साथ ही सिलेंडर और रेगुलेटर पर सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना होगा, जो बाद में रिफंडेबल होता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article