आज के समय में म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) निवेश का एक बेहद लोकप्रिय जरिया बन चुका है। बहुत से लोग सालों से अलग-अलग फंड्स में पैसा लगाते आ रहे हैं। लेकिन कई बार जिंदगी की भागदौड़, नौकरी बदलने, घर का पता बदलने या ईमेल आईडी बंद होने की वजह से लोग अपने पुराने म्यूचुअल फंड निवेश को भूल जाते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य ने हमारे नाम पर निवेश किया होता है और समय के साथ उसका ट्रैक खो जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है और आपको लगता है कि आपका पुराना निवेश कहीं डूब गया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक खास सरकारी व्यवस्था है जिसके जरिए आप अपने सालों पुराने और भूले-बिसरे म्यूचुअल फंड्स का मिनटों में पता लगा सकते हैं।
CAS क्या है?
कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) दरअसल एक सिंगल या एकीकृत वित्तीय विवरण (Statement) होता है। इसमें आपके पैन (PAN Card) से जुड़े सभी म्यूचुअल फंड कॉपर्स, फोलियो नंबर और शेयर बाजार (Equity) के निवेश की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाती है। चाहे आपने किसी भी म्यूचुअल फंड हाउस (AMC) के जरिए निवेश किया हो, अगर वह आपके पैन कार्ड से लिंक है, तो वह इस स्टेटमेंट में जरूर दिखाई देगा। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नियमों के मुताबिक, डिपॉजिटरीज (जैसे NSDL और CDSL) और म्यूचुअल फंड रजिस्ट्रार (जैसे CAMS और KFintech) हर महीने टैक्सपेयर्स को यह स्टेटमेंट उनके रजिस्टर्ड ईमेल पर बिल्कुल मुफ्त भेजते हैं।
कैसे खोजें अपना डाटा?
अगर आपको सालों से ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं मिला है या आप अपने पुराने फोलियो को खोजना चाहते हैं, तो आप इसे खुद भी ऑनलाइन जेनरेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको सीएएमएस (CAMS) या केफिनटेक (KFintech) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको 'Mailback Services' या 'CAS for Investor' का विकल्प मिलेगा। वहां बस अपना पैन नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल आईडी दर्ज करें। इसके बाद आपके पास एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड पीडीएफ (PDF) फाइल आपके ईमेल पर आ जाएगी। इस फाइल को खोलने का पासवर्ड भी उसी ईमेल में या आपके पैन नंबर के रूप में होता है। इस एक स्टेटमेंट को खोलते ही आपके सामने आपके उन सभी पुराने म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट आ जाएगी, जिन्हें आप मरा हुआ या डूबा हुआ मान चुके थे।
पुराने म्यूचुअल फंड्स को खोजने के बाद अगला कदम होता है अपने पैसे को सुरक्षित करना। इसके लिए सबसे पहले यह चेक करें कि उन पुराने फंड्स में आपका मौजूदा मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक अकाउंट अपडेटेड है या नहीं। अगर पुराना बैंक खाता बंद हो चुका है, तो तुरंत म्यूचुअल फंड हाउस से संपर्क करके नया बैंक खाता लिंक कराएं और अपनी केवाईसी (KYC) को दोबारा अपडेट (Re-verify) करें। ऐसा करने से आपका वह भूला-बिसरा निवेश पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा और आप जब चाहें उसे भुना (Redeem) सकेंगे। तो देर किस बात की, आज ही अपना CAS स्टेटमेंट निकालें और अपने खोए हुए पैसों का पता लगाएं!
