बिजनेस

LIC Q2 Results FY2025-26: आया एलआईसी का दूसरी तिमाही का नतीजा, नेट प्रॉफिट में 32% उछाल, बढ़कर हुआ 10053 करोड़ रुपये

LIC Q2 Results FY2025-26: सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 32% बढ़कर 10,053 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही (जुलाई–सितंबर) में कंपनी ने 7,621 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था, जो मजबूत प्रीमियम आय से संभव हुआ।

LIC Q2 Results FY26

एलआईसी का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ में जबरदस्त इजाफा (तस्वीर-istock)

LIC Q2 Results FY2025-26: सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 32 प्रतिशत बढ़कर 10,053 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में कंपनी ने 7,621 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। एलआईसी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई–सितंबर तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 2,39,614 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2,29,620 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय भी बढ़कर 1,26,479 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,19,901 करोड़ रुपये थी। वहीं दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल व्यय बढ़कर 2,30,160 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा2,22,366 करोड़ रुपये था।

सरकारी बीमा कंपनी की प्रीमियम इनकम पिछले साल के 1,20,326 करोड़ रुपये से 5.5% बढ़कर 1,26,930 करोड़ रुपये हो गई, जबकि टैक्स के बाद प्रॉफिट जून तिमाही के 10,957 करोड़ रुपये से 8% कम हो गया। हालांकि, टॉपलाइन में Q1FY26 के 1,19,618 करोड़ रुपये से तिमाही-दर-तिमाही 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। LIC का फर्स्ट-ईयर प्रीमियम Q2FY26 में 10,884 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 7,566 करोड़ रुपये से ज़्यादा था, लेकिन पिछले साल की इसी अवधि के 11,245 करोड़ रुपये से थोड़ा कम था। रिन्यूअल प्रीमियम बढ़कर 65,320 करोड़ रुपये हो गया, जबकि Q1FY26 में यह 60,179 करोड़ रुपये और Q2FY25 में 62,236 करोड़ रुपये था। सिंगल प्रीमियम 50,882 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 52,008 करोड़ रुपये से कम था, लेकिन पिछले साल के 46,997 करोड़ रुपये से ज़्यादा था।

FY26 के पहले छह महीनों में, कुल प्रीमियम इनकम में 5% की बढ़ोतरी के साथ 2,45,680 करोड़ रुपये होने के कारण PAT में साल-दर-साल 16% की बढ़ोतरी हुई और यह 21,040 करोड़ रुपये हो गया। इंडिविजुअल बिजनेस नॉन-पार एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) 30.47% बढ़कर 6,234 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें इंडिविजुअल बिजनेस में नॉन-पार APE का हिस्सा एक साल पहले के 26.31% से बढ़कर 36.31% हो गया।

ग्रुप बिजनेस APE 20.30% बढ़कर 11,864 करोड़ रुपये हो गया, और कुल APE 3.6% बढ़कर 29,034 करोड़ रुपये हो गया। न्यू बिजनेस का वैल्यू (VNB) 12.3% बढ़कर 5,111 करोड़ रुपये हो गया, और VNB मार्जिन 140 बेसिस पॉइंट बढ़कर 17.6% हो गया।

इंश्योरेंस कंपनी का कुल खर्च अनुपात पिछले साल के 12.74% से 146 बेसिस पॉइंट गिरकर H1FY26 में 11.28% हो गया। LIC का एसेट अंडर मैनेजमेंट 3.31% बढ़कर 57.23 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इसका सॉल्वेंसी रेश्यो 1.98 से बढ़कर 2.13 हो गया।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको किसी भी तरह का निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)

लेटेस्ट न्यूज

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह Author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article